गुना

Guna Crime: जिस बेटे पर थी परिवार की जिम्मेदारी, उसका शव लेकर रेलवे ऑफिस पहुंचा परिवार, जाने क्यों

Railway Supervisor Death Case : रनिंग रूम के बाहर शव रखकर परिवार ने 2 घंटे हंगामा किया। दोषियों पर कार्रवाई करने पर अड़े। ट्रेन के इंजन की चपेट में आने से सुपरवाइजर की मौत हुई थी।
2 min read
• •
Updated: 31 Oct 2026, 7:37 PM IST
Railway Supervisor Death Case
प्रदर्शन करते परिजन (फोटो सोर्स: Patrika)

Guna News :मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन पर इंजन की चपेट में आने से निजी ठेकेदार के सुपरवाइजर की मौत के मामले में शनिवार को रेलवे के रनिंग रूम के बाहर मृतक के परिजन ने हंगामा कर दिया। शव लेकर पहुंचे परिजन ने प्रदर्शन करते हुए ठेकेदार समेत दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। करीब दो घंटे परिजन यहां हंगामा करते हैं। दरअसल, साईं सिटी कॉलोनी मालपुर रोड पर रहने वाले 21 वर्षीय विक्की अहिरवार रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंजनों में बारीक रेत भरने का काम करता था। वो निजी ठेकेदार के पास आउटसोर्स पर सुपरवाइजर था।

बता दें कि, बीती शाम इंतन की चपेट में आने से विक्की की मौत हो गई थी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन के साथ अन्य मजदूरों ने मृतक का शव स्थानीय रेलवे परिसर में स्थित रनिंग रूम के बाहर ले जाकर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

गुना जीआरपी थाना प्रभारी श्रीपाल सिंह के अनुसार, घटना के समय स्टेशन पर ग्वालियर - बीना पैसेंजर ट्रेन का इंजन बदला जा रहा था। इसी दौरान विक्की कंधे पर रेत की बोरी लेकर इंजन की ओर जा रहा था, तभी इंजन की चपेट में आ गया। सूचना पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। परिजन भी अस्पताल पहुंचे। थाना प्रभारी श्रीपाल सिंह भदौरिया ने बताया कि, दुर्घटना पैर फिसलने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इसकी जांच की जा रही है। इसके लिए ट्रेन के लोको पायलट से भी पूछताछ की जाएगी।

दो घंटे बाद माने परिजन

उन्होंने बताया कि, शनिवार को जिला अस्पताल में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया था। लेकिन, सुबह से ही मामले को लेकर एकत्रित हो रहे परिजन समेत समाज के लोग और मजदूर शव को वाहन में रखकर रेलवे परिसर स्थित रनिंग रूम के बाहर पहुंच गए, जहां शव रखकर प्रदर्शन करते हुए जमकर आक्रोश व्यक्त किया। पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सूचना पर पहुंचे रेल अधिकारियों ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन किया, तब कहीं जाकर 2 घंटे बाद परिजन किसी तरह माने और हंगामा शांत हुआ।

Updated on:
31 Oct 2026, 7:37 PM IST
Published on: