Jyotiraditya Scindia visit hanuman tekri dham Guna केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार सुबह हनुमानजी के प्रसिद्ध मंदिर टेकरी धाम HANUMAN TEKRI DHAM पहुंचे।
Jyotiraditya Scindia visit hanuman tekri dham Guna देश के प्रसिद्ध राजवंश में जन्म, भव्य राजमहल में निवास, करोड़ों की संपत्ति, राजनैतिक कैरियर की शुरुआत से ही उच्च पद और वर्तमान में भी केंद्र सरकार में केबिनेट मंत्री- ज्योतिरादित्य सिंधिया Jyotiraditya Scindia को भला और क्या चाहिए! केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में हनुमानजी के प्रसिद्ध मंदिर HANUMAN TEKRI DHAM में विशेष अनुष्ठान किया तो यह चर्चा शुरु हो गई। बाद में पता चला कि केंद्रीय मंत्री ने हनुमानजी से क्षेत्र के विकास और खुशहाली की कामना की है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार सुबह हनुमानजी के प्रसिद्ध मंदिर टेकरी धाम HANUMAN TEKRI DHAM पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्ण भक्तिभाव से हनुमानजी की पूजा-अर्चना की। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने करीब 1 घंटे तक हनुमानजी की पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किया। उनके समर्थकों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्र के लोगों के विकास, सुख-शांति के लिए हनुमानजी से प्रार्थना की।
केंद्रीय मंत्री बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार टेकरी धाम पहुंचे। पहाड़ी पर बना श्री हनुमान टेकरी मंदिर HANUMAN TEKRI DHAM आसपास के लोगों की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर को महाभारत काल से जोड़ा जाता है। ग्वालियर राजघराने की भी मंदिर में स्थापित हनुमानजी पर विशेष श्रद्धा रही है। खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी टेकरी धाम में पूजा-अर्चना कर हनुमानजी का आशीर्वाद लेकर ही लोकसभा चुनाव का नामांकन भरने गए थे।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने संसदीय क्षेत्र के तीन दिनी दौरे पर आए हैं। रविवार को वे शिवपुरी पहुंचे और गुना में रात्रि विश्राम किया। सोमवार को सुबह गुना में ही सर्किट हाउस ने केंद्रीय मंत्री ने आमजनों से मुलाकात की। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया टेकरी धाम पहुंचे और हनुमानजी की पूजा अर्चना की। वे प्राय: यहां आकर दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं पर इस बार हनुमानजी की पूजा और अनुष्ठान करीब एक घंटे तक चला।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने एक्स हेंडल पर गुना के दौरे की फोटो पोस्ट की। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- गुना प्रवास के दौरान आज सुबह अपने प्रियजनों से आत्मीय भेंट से एक अत्यंत सुखद अनुभूति हुई। सब की मांगें सुनी और उनके यथाशीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया।