
Road accident in guna:मध्यप्रदेश के गुना शहर में धूम फिल्म की तरह एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए। सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शहर के राघौगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे एक सड़क हादसा हो गया। साडा कॉलोनी पुल के पास धरनावदा रोड पर एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने लगातार कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में पहलवान सहरिया नामक एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए। इनमें से दो गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है, वहीं पांच अन्य घायलों का राघौगढ़ के स्थानीय अस्पताल में उपचार चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धरनावदा की तरफ से आ रहे ट्रक ने पहले पेट्रोल पंप के पास एक ट्रैक्टर को टक्कर मारी। इसके बाद चालक भागने के प्रयास में तेज गति से ट्रक चलाता रहा और साडा कॉलोनी पुल के पास एक कार को भी चपेट में ले लिया। अनियंत्रित ट्रक ने कई राहगीरों को भी रौंद दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
सूचना मिलते ही राघौगढ़ थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है और मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शहर के मुख्य और सबसे व्यस्त मार्गों के किनारे खुलेआम बिकने वाला हरा चारा राहगीरों और वाहनचालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। चारा खाने के लिए बीच सड़क पर जुटने वाले बेसहारा मवेशी आए दिन गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। स्थिति इतनी चिंताजनक है बिग कि खुद न्यायाधीश भी इस संबंध में नगरपालिका को पत्र लिखकर कार्रवाई की बात कह इश्यू चुके हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।
आंबेडकर चौराहा से पोस्ट ऑफिस मार्ग के पास सड़क के बीचोंबीच बने पक्के डिवाइडर और दोनों तरफ फैले अतिक्रमण के कारण यह मार्ग पहले ही संकरा हो चुका है। रही-सही कसर सडक किनारे बैठने वाले चारा विक्रेता पूरी कर देते हैं। पास ही में निजी व सरकारी स्कूल होने के कारण यहां छोटे बच्चों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। मवेशियों की धमाचौकड़ी के बीच से बच्चों का निकलना हर वक्त किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है। कई बार यहा वाहन चालक मवेशियों की धमचौकड़की का शिकार भी हो चुके हैं।