गुना

बचपन से कहती थी डॉक्टर ही बनूंगी, आज रोल मॉडल बन गई भील समाज की पहली MBBS Doctor

Success Story: मध्य प्रदेश के गुना राजगढ़ अंचल में भील समाज की पहली एबीबीएस डॉक्टर बनीं अंजलि, चांचौड़ा के गांव की बेटी ने बचपन का सपना पूरा किया। आदिवासी अंचल की बेटियों के लिए बनी रोल मॉडल... अब हर बेटी देखेगी सपना...

2 min read
May 08, 2026
Success Story: आदिवासी बेटियों के लिए रोल मॉडल बनीं भील समुदाय की अंजलि, अब हर बेटी बुनेगी सक्सेसफुल करियर का सपना (Photo:patrika)

Success Story: मैं डॉक्ट र बनूंगी…! बचपन का यह सपना पूरा करके ही मानी चांचौड़ा की अंजलि भील। मजदूर रघुवीर सिंह की बेटी गुना-राजगढ़ अंचल में भील समाज की इस पहली एमबीबीएस डॉक्टर बनकर अपनी बन गई है। 6 मई को रिजल्ट आया। दो सब्जेक्ट में डिस्टिंक्शन मिली। अंजली के डॉक्टर बनने की खुशी में पूरा भील समाज गर्व से झूम उठा।

दरअसल, 6 मई 2026 की तारीख भील समाज के लिए ऐतिहासिक बन गई। इस दिन ग्राम चक पटोदी की अंजलि भील ने एमबीबीएस फाइनल का रिजल्ट पास कर डॉक्टर की डिग्री हासिल कर ली। इसके साथ ही अब वो गुना, राजगढ़ और आसपास के इलाके में भील समाज की पहली एमबीबीएस डॉक्टर बन गई हैँ।

ये भी पढ़ें

सार्थक ऐप से फर्जी हाजिरी! वीडियो से उपस्थिति लगवाते दिखे डॉक्टर, मचा हड़कंप

अब सुपर स्पेशलिस्ट बनकर घर लौटेगी अंजली

खास बात यह कि अंजलि की स्टेथेस्कोप सिर्फ दिल की धड़कन नहीं सुनेगी, पूरे भील समाज की उम्मीदों की धड़कन भी सुनेगी। चक पटोदी की इस बेटी ने साबित कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो, इतिहास लिखा जाता है। अब बारी है सुपर स्पेशलिस्ट बनकर गांव लौटने की।

पेशे से किसान पिता की आंखों में खुशी के आंसू- 'बेटी ने पूरा किया सपना'

पिता रघुवीर सिंह भील ने बताया कि वह पेशे से किसान हैं। बेटी के बारे में बात करते भावुक हुए पिता की आंखें खुशियों के आंसुओं से नम हो गईं। उनका कहना है कि बेटी का बचपन से एक ही लक्ष्य था कि डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करेगी। गांव में इलाज के लिए भटकते लोग देखती थी तो उसकी जबान पर अक्सर यही शब्द होते थे। जैसे उसने तभी ठान लिया था, मैं डॉक्टर बनूंगी। आज उसका सपना पूरा हो चुका है।

ऐसा रहा अंजलि की पढ़ाई का सफर

अंजलि की शुरुआती पढ़ाई बीनागंज के स्कूल से हुई। 10वीं केंद्रीय विद्यालय गेल विजयपुर से और 12वीं सत्य साईं विद्या विहार गेल विजयपुर से की। नीट क्लियर कर एमबीबीएस में एडमिशन लिया। 5 साल की मेहनत के बाद 6 मई को फाइनल रिजल्ट आया। दो विषयों मेडिसिन और सर्जरी में डिस्टिंक्शन के साथ पास हुई है।

इसलिए खास है यह उपलब्धि

- पहली डॉक्टर: गुना-राजगढ़ अंचल में भील समाज से पहली एमबीबीएस

- डिस्टिंक्शन: फाइनल ईयर में 2 सब्जेक्ट में 75 प्रतिशत से ज्यादा मार्क्स

- प्रेरणा: आदिवासी अंचल की लड़कियों के लिए रोल मॉडल

- सेवा का जज्बा: गांव में रहकर इलाज करने का इरादा

रिजल्ट आते ही परिवार में जश्न, समाज में गर्व का माहौल

रिजल्ट आते ही चक पटोदी में ढोल बज उठे। मां शबरी एवं एकलव्य आश्रम बीनागंज के सदस्यों ने घर पहुंचकर बधाई दी। भील समाज के लोगों ने कहा कि अंजलि ने सिर्फ डिग्री नहीं ली, समाज की बेटियों के लिए रास्ता खोला है। पिता रघुवीर सिंह की आंखें नम थीं। मजदूरी करके पढ़ाया। आज बेटी डॉक्टर बन गई। इससे बड़ी खुशी क्या होगी। गांव की हर बेटी अब डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना देखेगी।

ये भी पढ़ें

5 साल की मासूम से शौचालय में रेप की कोशिश, अस्पताल में भर्ती मां के उड़े होश
Published on:
08 May 2026 11:52 am
Also Read
View All