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“मुझे छोड़ गई मां, इसलिए मार डाला”, गुना में एक घर में मिलीं तीन लाशें, बेटे ने खोला राज

Guna SP Hitika Vasal - म्याना मर्डर केस: गुना में ट्रिपल मर्डर केस की गुत्थी सुलझी, शराब पिलाने के बाद दबाया था गला, मां के रिश्तों और जमीन विवाद से नाराज बेटे ने दोस्तों के साथ की थी हत्या, एक ही घर से मिली थीं तीन लाशें, आरोपी बेटा और मौसेरा भाई अरेस्ट

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गुना

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deepak deewan

Jun 23, 2026

Guna SP Hitika Vasal एसपी हितिका वासल ने हत्या की वजह बताई

Guna SP Hitika Vasal एसपी हितिका वासल ने हत्या की वजह बताई Photo - Facebook

GUNA- गुना के म्याना में रविवार को एक और फिर सोमवार को दो शव मिलने से सनसनी फैलाने वाले ट्रिपल मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सीताराम जाटव ने मौसेरे भाई सुरेंद्र और एक अन्य के साथ मिलकर तीनों हत्या की थीं। बेटे सीताराम ने मां गिंदा बाई का भी मर्डर किया। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत लिया है। तीसरे की तलाश जारी है। एसपी हितिका वासल Guna SP Hitika Vasal ने बताया कि रविवार को गांव में मकान से ओमप्रकाश शर्मा (60) का शव मिलने के बाद सोमवार को दोबारा घर की तलाशी में बदरवास निवासी गिंदा बाई जाटव और कोलारस जिला शिवपुरी के रामकृष्ण जाटव के भी शव मिले। मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई थीं। बाहर से ताला पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सीताराम अपनी मां के ओमप्रकाश से संबंधों को लेकर नाराज था। पुलिस पूछताछ में उसने कहा कि मां, पिता और मुझे छोड़ गई थी, इसलिए मार डाला।

म्याना थाना क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर एक ही परिसर के बंद कमरों से तीन सड़ी-गली लाशें मिलने के सनसनीखेज मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस खौफनाक तिहरे हत्याकांड के पीछे अवैध संबंध, जमीन का लालच और पारिवारिक नाराजगी की खूनी दास्तान सामने आई है। गुना एसपी हितिका वासल Guna SP Hitika Vasal ने तत्परता दिखाई और साइबर-फॉरेंसिक टीमों की मुस्तैदी से इस अंधे कत्ल की गुत्थी चंद घंटों में सुलझ गई। इस मामले का शिवपुरी कनेक्शन सामने आते ही पुलिस की राह आसान हो गई।

21 जून को म्याना में हनुमान मंदिर के पास रहने वाले 60 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा के घर से बदबू आने पर पुलिस ने उनका शव बरामद किया था। अगले दिन, 22 जून को पास के ही दूसरे बंद कमरे से बदरवास की गिंदा बाई जाटव और एक अज्ञात पुरुष की लाश मिली। शिवपुरी पुलिस की मदद से जब जांच आगे बढ़ी, तो कोलारस के मानीपुरा निवासी सोनू जाटव ने तीसरे शव की पहचान अपने पिता रामकृष्ण जाटव के रूप में की। इसके बाद म्याना पुलिस ने कड़ी जोडऩा शुरू किया।

मां के फैसले और संपत्ति पर थी बेटे की नजर

संदेह के आधार पर पुलिस ने मृतका गिंदा बाई के बड़े बेटे सीताराम जाटव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जांच में सामने आया कि गिंदा बाई करीब एक साल पहले अपने पति परमल को छोड़कर म्याना में अकेले रह रहे ओमप्रकाश शर्मा के साथ रहने आ गई थी। ओमप्रकाश की पत्नी का पांच साल पहले निधन हो चुका था और उनके दोनों बेटे भोपाल में नौकरी करते थे। गिंदा बाई के इस फैसले से बेटा सीताराम बुरी तरह नाराज था, लेकिन उसका अपनी मां और ओमप्रकाश के घर आना- जाना बना हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीताराम अक्सर दोनों से रुपयों की मांग करता था। उसे यह भी डर था कि कहीं उसकी मां, जमीन और संपत्ति अपने नाम कराकर हड़प न ले।

शराब पिलाकर घोंटा गला

जमीन के विवाद और लोकलाज की रंजिश में सीताराम ने अपने मौसेरे भाई सुरेंद्र जाटव और एक अन्य साथी के साथ मिलकर मर्डर का प्लान बनाया। 18 जून को आरोपियों ने ओमप्रकाश, गिंदा बाई और वहां मौजूद रामकृष्ण जाटव को जमकर शराब पिलाई। इसके बाद तीनों की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी और कमरों पर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी सीताराम और सुरेंद्र को अरेस्ट कर लिया है, जबकि तीसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है।

दुर्गंध से खुला चार दिन पुराना राज

एसपी हितिका वासल Guna SP Hitika Vasal ने बताया कि सीताराम और सुरेन्द्र को हिरासत में लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। रामकृष्ण जाटव उस दिन वहां क्यों था, इसकी जांच भी चल रही है। 21 जून को बदबू फैलने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत 3-4 दिन पुरानी बताई गई है। बाहर से ताले लगे होने से पहले दिन से ही हत्या का शक था। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।