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न इमर्जेंसी गेट, न फायर सेफ्टी, गुना में भी हो सकता है लखनऊ जैसा हादसा

GUNA - अभाविप ने उठाया मुद्दा, कोचिंग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अभाविप ने गुना डीईओ को सौंपा ज्ञापन
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गुना

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deepak deewan

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Updated: 24 Jun 2026, 1:25 PM IST

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Guna ABVP- गुना एबीवीपी ने डीईओ को ज्ञापन दिया- Source Patrika

GUNA ABVP - लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 विद्यार्थियों की मौत से देशभर में लोग दुखी हैं। इस हादसे के बाद गुना में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् अभाविप GUNA ABVP सक्रिय हो गया है। बुधवार को अभाविप की गुना इकाई ने जिले के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। अभाविप ने विशेष जांच अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों का सत्यापन कराने की मांग की है। जिला प्रशासन भी इस संबंध में एक्शन के मूड में है। अभाविप ने कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए बताया कि यहां न तो न तो इमर्जेंसी गेट हैं और न ही अग्नि हादसे से बचाव के पर्याप्त संसाधन हैं।

अभाविप GUNA ABVP ने 5 सूत्रीय ज्ञापन में कोचिंग संस्थानों में फायर एनओसी, सीसीटीवी, आपात निकास अनिवार्य करने की मांग की। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी।

गुना में बड़ी संख्या में विद्यार्थी कोचिंग में पढ़ रहे, सुरक्षा मानकों की अनदेखी

अभाविप नगर मंत्री अभिषेक यादव ने बताया कि हाल ही में लखनऊ सहित देश के विभिन्न शहरों में कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं और अग्निकांड की घटनाओं ने विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गुना में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे हैं। जहां सुरक्षा मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है।

ये हैं 5 प्रमुख मांगें

विशेष जांच अभियान : सभी कोचिंग संस्थानों के पंजीयन, फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र और विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र की जांच हो।

बेसमेंट में संचालित कोचिंग पर कार्रवाई : अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास और पर्याप्त वेंटिलेशन अनिवार्य किया जाए।

क्षमता से अधिक छात्रों पर दंड : क्षमता से ज्यादा विद्यार्थी बैठाने वाले संस्थानों पर कार्रवाई हो।

सीसीटीवी- फर्स्ट एड किट जरूरी : प्रत्येक कोचिंग में सीसीटीवी कैमरे, फर्स्ट एड किट और आपातकालीन संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाएं।

संयुक्त टीम से निरीक्षण : जिला प्रशासन, नगर पालिका और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम नियमित निरीक्षण करे। उल्लंघन पर पंजीयन निरस्त कर कठोर कार्रवाई हो।

विद्यार्थी का जीवन आर्थिक हितों से बड़ा

डीईओ को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि विद्यार्थियों का जीवन किसी भी संस्था के आर्थिक हितों से अधिक महत्वपूर्ण है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अभाविप छात्रहित और छात्र सुरक्षा को लेकर व्यापक आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।