
Inflammatory Content (सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाला तो खैर नहीं Photo Source- Patrika)
Guna News :मध्य प्रदेश के गुना में सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं फैलने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 24 जून से 23 अगस्त तक जिले भर में लागू रहेंगे।
पुलिस अधीक्षक ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर भ्रामक मैसेज, ऑडियो-वीडियो से शांति व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है। इसी आधार पर कलेक्टर ने आदेश जारी किए।
धार्मिक-सामाजिक भावना भड़काने वाले पोस्ट बैन : किसी भी प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक, उन्माद फैलाने वाले मैसेज, फोटो, ऑडियो-वीडियो प्रसारित करना प्रतिबंधित।
लाइक-शेयर पर भी कार्रवाई : धार्मिक, सांप्रदायिक भावना भड़काने वाली पोस्ट को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करने पर रोक।
ग्रुप एडमिन जिम्मेदार : व्हाट्सएप ग्र्रुप एडमिन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि ग्रुप में ऐसे संदेशों को रोके।
भीड़ जुटाने वाले मैसेज पर रोक : किसी स्थान पर जमा होने और गैरकानूनी गतिविधि के लिए आव्हान करने वाले संदेश प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे।
आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति खुले स्थान या मकानों की छतों पर ईंट, पत्थर, कांच की बोतल, ज्वलनशील पदार्थ या विस्फोटक सामग्री जमा नहीं करेगा, जिसका इस्तेमाल हिंसा में हो सके।
आइडी के बिना एंट्री नहीं : परिचय पत्र, वोटर ढ्ढष्ठ, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट जैसे दस्तावेज के बिना साइबर कैफे इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
रजिस्टर अनिवार्य : सभी आगंतुकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करना होगा।
वेब कैमरा जरूरी : प्रत्येक ग्राहक की फोटो खींचकर रेकॉर्ड 6 महीने तक सुरक्षित रखना होगा। बिना वेब कैमरा कैफे नहीं चल सकेगा।
आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 और अन्य अधिनियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई होगी। छूट चाहिए तो कलेक्टर के सामने आवेदन करना होगा। यह आदेश 24 जून से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और बीच में वापस न लिया गया तो 23 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।
Published on:
24 Jun 2026 01:30 pm
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