गुडगाँव

गुरुग्राम में सागर हत्याकांड: दो पुलिसकर्मी निलंबित, विधायक बिमला चौधरी बोलीं- समय पर कार्रवाई होती तो न जाती जान

Gurugram Sagar Murder Case Action: गुरुग्राम के सागर हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई। दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, पंचायत में विधायक बिमला चौधरी ने अधिकारियों को लगाई फटकार।
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Updated: 9 Aug 2026, 1:03 PM IST
Gurugram Sagar Murder Case
गुरुग्राम में सागर हत्याकांड के मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित, फोटो सोर्स- एक्स ( @gurgaonpolice )

Police Suspension Sagar Case: कारौला गांव के चर्चित सागर हत्याकांड में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद महकमे ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में चूक पाए जाने पर हेड कांस्टेबल अशोक और विनोद को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। फर्रुखनगर थाना प्रभारी (एसएचओ) महाबीर ने दोनों पुलिसकर्मियों के निलंबन की पुष्टि की है।

इससे पहले, पुलिस की ढिलाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने मार्ग जाम कर महापंचायत बुलाई थी। महापंचायत में पहुंचीं पटौदी की स्थानीय विधायक बिमला चौधरी ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अधिकारियों की जमकर क्लास ली।

विधायक ने एसएचओ से सीधे पूछे तीखे सवाल

पंचायत में मौजूद एसएचओ को आड़े हाथों लेते हुए विधायक बिमला चौधरी ने कहा कि मैं पुलिस प्रशासन की इस लापरवाही की कड़े शब्दों में निंदा करती हूं। यदि पुलिस समय रहते एक्शन ले लेती तो आज हमारा बच्चा जिंदा होता। क्या प्रशासन किसी की जान जाने का इंतजार करता है?

उन्होंने एसएचओ से सीधी जवाबदेही मांगते हुए कहा कि पीड़ित परिवार ने 112 नंबर पर कॉल की थी और पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची भी थी, फिर भी यह वारदात कैसे हो गई? इसकी भरपाई कौन करेगा? आज एक घर का चिराग बुझा है, कल किसी और के साथ ऐसा हो सकता है। हमें लिखित में आश्वासन चाहिए कि भविष्य में सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी। एसएचओ महाबीर ने स्वीकार किया कि जांच में शुरुआती स्तर पर चूक हुई है, जिस पर विभागीय एक्शन लिया जा चुका है।

रोहतक से 9 आरोपी गिरफ्तार, स्कॉर्पियो बरामद

दूसरी ओर, फर्रुखनगर क्राइम ब्रांच की टीम ने तत्परता दिखाते हुए वारदात में शामिल 9 आरोपियों को रोहतक के आजादगढ़ से दबोच लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त कर ली है।

पकड़े गए आरोपियों में ओम, साहिल, गौतम, सचेत उर्फ मुन्ना, विनय कुमार, सुनील उर्फ खोटा, मंदीप उर्फ डिप्पी, अश्वनी और अनुश शामिल हैं। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी सचेत उर्फ मुन्ना की पीड़ित पक्ष से पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते पूरी साजिश रचकर इस वारदात को अंजाम दिया गया।

गिरफ्तारी के वीडियो के बाद परिजनों ने लिया शव

शनिवार को पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी का आधिकारिक वीडियो जारी किए जाने के बाद ही परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हुए। देर शाम डॉक्टरों के विशेष बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद परिजनों ने सागर का अंतिम संस्कार कर दिया।

Updated on:
9 Aug 2026, 1:03 PM IST
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