
Security Officer Kills Wife Son Gurgaon: साइबर सिटी गुरुग्राम के अशोक विहार इलाके में शनिवार की रात को हुए डबल मर्डर में बेहद चौंकाने वाले और रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे सामने आए हैं। एक सिक्योरिटी ऑफिसर पिता द्वारा अपनी स्कूल प्रिंसिपल पत्नी और इकलौते बेटे की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में आरोपी की बेटी खुद चश्मदीद गवाह बनी है। बेटी के बयानों के आधार पर पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अनिल ने गुस्से में आकर मां-बेटे पर ताबड़तोड़ 14 गोलियां बरसाईं और इसके बाद अपनी बेटी और बहू को भी जान से मारने के लिए दौड़ाया। फिलहाल सेक्टर-5 थाना पुलिस ने आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
आपको बता दें कि पीड़ित परिवार की विवाहित बेटी जो 5 जून को अपने मायके गुरुग्राम आई हुई थी। पूछताछ के दौरान उसने 6 जून की रात की पूरी घटना बताई। दरअसल, उसके द्वारा दिए गए बयान के मुताबिक, रात करीब 11 बजे उसके पिता अनिल और मां आशा तीसरी मंजिल पर अपने कमरे में सोने गए थे, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर भाई प्रशांत और उसकी पत्नी मौजूद थे। कुछ देर बाद तीसरी मंजिल से माता-पिता के बीच तेज झगड़े और चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। बेटी जब ऊपर पहुंची तो उसने देखा कि अनिल अपनी पत्नी आशा के साथ मारपीट कर रहे थे। शोर सुनकर प्रशांत भी वहां पहुंचा और बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन अनिल ने उसे धमकाते हुए कहा कि बीच में मत पड़ो, नहीं तो दोनों को मार दूंगा। इसके बाद जब प्रशांत ने अपनी मां को बचाने की कोशिश की, तो अनिल अंदर गया और अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर लौट आया। आरोप है कि उसने पत्नी आशा और बेटे प्रशांत पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
अपने बयान में बेटी ने यह भी बताया कि उसकी भी जान नहीं बच पाती अगर वह पड़ोसी के घर में नहीं छुपती। उसने कहा कि गोलियों की आवाज और शोर सुनकर प्रशांत की पत्नी (बहू) भी ऊपर आ गई। मां और भाई को लहूलुहान करने के बाद आरोपी पिता का खून सवार था। वह अपनी बेटी और बहू को भी मारने के लिए आगे बढ़ा। डर के मारे दोनों महिलाएं जान बचाकर नीचे की तरफ भागीं और दूसरी मंजिल (सेकंड फ्लोर) पर रहने वाले किराएदारों के कमरे में जाकर छिप गईं, जिससे उनकी जान बच सकी। बेटी के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता कुछ देर तक मां-भाई की लाश के पास ही बैठा रहा और फिर नीचे चला गया। जब दोनों वापस ऊपर गईं, तो वहां सिर्फ मां और भाई की लाशें पड़ी थीं, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में जो बर्बरता सामने आई है, उसने अधिकारियों को भी झकझोर दिया है। आरोपी अनिल ने अपनी पत्नी आशा और बेटे प्रशांत को सिर, गर्दन, छाती और यहां तक कि उनके प्राइवेट पार्ट पर भी गोलियां मारीं। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी रिवॉल्वर और 14 खाली कारतूस (खोखे) बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी अनिल को कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है, ताकि हत्या की मुख्य वजह और हथियारों की बरामदगी की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके। शवों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मां-बेटे को शरीर पर कितनी-कितनी गोलियां लगी थीं।