Gurugram Assault Case: गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 में बिहार के रहने वाले टेलीपरफॉर्मेंस कंपनी के कर्मचारी आदित्य राज पांडेय की भाषाई भेदभाव के चलते दबंग उदय और निखिल सनसनवाल ने बेरहमी से पिटाई कर दी। पीड़ित अस्पताल में भर्ती है।
Language Bias Violence Crime: दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम के बेहद पॉश इलाके डीएलएफ फेज-3 (DLF Phase-3) से भाषाई भेदभाव और क्षेत्रीय नफरत का एक बेहद ही शर्मनाक और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ बिहार के रहने वाले एक कॉर्पोरेट कंपनी के कर्मचारी की महज इसलिए बेरहमी से पिटाई कर डाली, क्योंकि स्थानीय दबंगों को उसका हिंदी बोलने का लहजा पसंद नहीं आ रहा था और वे कह रहे थे कि उन्हें उसकी भाषा समझ नहीं आ रही।
आरोपियों ने युवक के चेहरे और सिर पर तब तक ताबड़तोड़ घूंसे और थप्पड़ बरसाए, जब तक कि वह खून से लथपथ होकर जमीन पर बेहोश नहीं हो गया। गंभीर रूप से घायल पीड़ित इस समय अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
मानेसर और सूरककुंड के बाद गुरुग्राम पुलिस के सामने आई इस नई चुनौती में पीड़ित आदित्य राज पांडेय ने अस्पताल से पुलिस को अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराया है। आदित्य मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के सन्देरा गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 में किराए पर रहते हैं। वह सेक्टर-48 स्थित कैंडोर टेकस्पेस की प्रसिद्ध 'टेलीपरफॉर्मेंस' (Teleperformance) कंपनी में नौकरी करते हैं।
पुलिस शिकायत के मुताबिक, 20 मई 2026 की रात करीब 8 बजे आदित्य के सहकर्मी (Colleague) अंश त्यागी ने उन्हें फोन कर डीएलएफ फेज-3 की ही बिल्डिंग नंबर U61/4 में मिलने के लिए बुलाया, जो उनके एक अन्य दोस्त जोएल के. जोस का कमरा था। दोस्त की बात पर भरोसा कर आदित्य राज 21 मई की रात करीब 2 बजे उनके कमरे पर पहुंचे थे।
कमरे के भीतर अंश त्यागी और जोएल के अलावा दिल्ली-एनसीआर के दो रसूखदार और दबंग युवक उदय सनसनवाल और निखिल सनसनवाल एक लड़की के साथ पहले से मौजूद थे। दोनों आरोपी पूरी तरह शराब के नशे में धुत थे। कुछ देर बाद जोएल नीचे बाजार से खाने का सामान लेने चला गया। जोएल के कमरे से बाहर जाते ही उदय और निखिल ने अकेले पड़े आदित्य राज पर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं।
विरोध करने पर उदय सनसनवाल ने आदित्य राज को पहला जोरदार थप्पड़ जड़ा। दोस्त अंश त्यागी ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन उदय और निखिल पर खून सवार हो चुका था। दोनों ने मिलकर निहत्थे आदित्य राज को कोने में घेर लिया और उनके सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। उनका मुख्य निशाना आदित्य का चेहरा था, ताकि उन्हें गंभीर रूप से विकृत और चोटिल किया जा सके।
इस जानलेवा हमले के दौरान आदित्य राज दर्द से चीखते रहे और रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन निर्दयी हमलावरों का दिल नहीं पसीजा। इसी बीच खाने का सामान लेकर जोएल नीचे से वापस आया। जोएल और अंश ने अपनी जान पर खेलकर आदित्य राज को उन दोनों दरिंदों के चंगुल से छुड़वाया। पीड़ित ने बताया कि अगर दोनों दोस्त मौके पर बीच-बचाव न करते, तो उदय और निखिल उनकी पीट-पीटकर हत्या ही कर देते। जाते-जाते भी दोनों आरोपी पीड़ित को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।