
Chief Election Commissioner: असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी की ओर से 'अप्रूवर' बनने को कहे जाने के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त आरोपी जैसा बर्ताव कर रहे हैं। गोगोई ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग अपने बचाव की कोशिश करेगा। उनका यह बयान चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर कांग्रेस और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आया है।
गोगोई ने अपने बयान में राहुल गांधी की उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से 'अप्रूवर' बनने को कहा। कानूनी भाषा में अप्रूवर ऐसे व्यक्ति को कहते हैं, जो किसी मामले में जानकारी देकर जांच में मदद करता है। हालांकि, गोगोई ने यह साफ नहीं किया कि राहुल गांधी ने यह बात किस मामले या किस संदर्भ में कही थी। ऐसे में इस टिप्पणी का पूरा मतलब समझने के लिए राहुल गांधी के मूल बयान का संदर्भ जरूरी है।
गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत के दौरान गोगोई ने कहा कि चुनाव आयोग अपना बचाव करने की कोशिश करेगा। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के व्यवहार पर सवाल उठाया। उनका आरोप था कि राहुल गांधी की बात के बाद भी मुख्य चुनाव आयुक्त का रवैया ऐसा है, मानो वे खुद आरोपी हों। यह गौरव गोगोई की राजनीतिक टिप्पणी है। इसलिए उनके बयान को कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस पहले भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाती रही है। पार्टी इन मामलों में पारदर्शिता और अपनी आपत्तियों के जवाब की मांग करती रही है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और अपने कामकाज का बचाव करता रहा है।
गोगोई के ताजा बयान ने इस राजनीतिक बहस में मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, किसी नेता के आरोप को अपने आप में किसी गलती का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
फिलहाल, चुनाव आयोग की ओर से गोगोई के इस बयान पर प्रतिक्रिया की जानकारी भी सामने नहीं आई है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर आगे क्या कहती है और चुनाव आयोग की ओर से कोई जवाब आता है या नहीं।