
MP News: ग्वालियर के देवेंद्र कुमार अलाहबादी पेशे से सेल्समैन हैं। आधार में उनकी उम्र 627 वर्ष दर्ज हो गई है, जबकि वह 42 साल के हैं। आधार में हुई इस एक गलती ने उन्हें सदियों बूढ़ा बना दिया है। इस गलती को सुधरवाने के लिए वह पिछले डेढ़ साल से आधार केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। आधार में गड़बड़ी के कारण देवेंद्र कुमार के सभी काम अटक गए हैं। कहीं भी आधार कार्ड लगाते हैं, तो उनका फॉर्म निरस्त हो जाता है। उन्हें बैंक से लोन भी नहीं मिल रहा है।
देवेंद्र कुमार ने बताया कि उनका आधार कार्ड पुराना था, जिसमें डेट ऑफ बर्थ 10 मई 1983 की जगह 1 जनवरी 1983 दर्ज हो गई थी। आधार से दूसरे डॉक्यूमेंट की डेट ऑफ बर्थ मैच नहीं होने के कारण 2021 में उन्होंने आधार में सुधार कराया था। लेकिन, सुधार कराने के बाद उनकी परेशानी और बढ़ गई। लोन लेने के लिए जब उन्हें आधार कार्ड की जरूरत पड़ी, तब पता चला कि उसमें डेट ऑफ बर्थ 10 मई 1398 दर्ज हो चुकी है।
देवेंद्र कुमार का कहना है कि सरकारी और प्राइवेट दोनों केंद्रों पर सुधार के लिए पहुंचने पर सरकारी केंद्र पर उन्हें कोई मदद नहीं मिली, वहीं प्राइवेट केंद्र पर उनसे 10 से 20 हजार रुपये मांगे गए। इतने पैसे देने में वह असमर्थ थे, इसलिए उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की।
देवेद्र कुमार ने अपनी समग्र आईडी में भी आधार लिंक कराया, जिससे समग्र आईडी में भी उनकी उम्र 627 साल हो गई है। इसमें सुधार के लिए आवेदन करने पर वह निरस्त हो गया। इसके बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। शिकायत के बाद कलेक्ट्रेट से देवेंद्र कुमार को बुलाया गया। उनकी परेशानी को लेकर कलेक्ट्रेट से यूआईडी को मेले भेजा गया है, जिससे डेट ऑफ बर्थ में सुधार हो सके।