
Electricity bill: डेढ़ माह से नहीं आए बिजली बिल (Photo Source - Patrika)
Gwalior news: एमपी के ग्वालियर शहर में बिजली कंपनी की बिलिंग व्यवस्था में लापरवाही का खामियाजा अब उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ सकता है। शहर के कई इलाकों में पिछले डेढ़ महीने से बिजली बिल जारी नहीं हुए हैं। सामान्य तौर पर महीने की 2 से 5 तारीख के बीच मीटर रीडिंग लेकर बिल तैयार किए जाते हैं, लेकिन मीटर रीडरों को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भेजे जाने के कारण कई जगह बिलिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर विनय नगर सेक्टर-3 सहित आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।
समस्या यह है कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग समय पर नहीं हुई, उनके बिल अब अगली रीडिंग के साथ जारी होंगे। ऐसे में गर्मी के दिनों में बढ़ी बिजली खपत का पूरा भार एक ही बिल में जुड़ने की आशंका है। यानी उपभोक्ताओं को सामान्य मासिक बिल की तुलना में एक साथ अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है।
गर्मी के मौसम में पंखे, कूलर और एसी सहित अन्य उपकरणों का उपयोग बढ़ने से वैसे ही बिजली की खपत अधिक रहती है। लंबे अंतराल के बाद रीडिंग होने पर यूनिट की संख्या बढ़ जाएगी। इसका असर केवल पत्रिका बिजली की मूल खपत पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि टैरिफ के साथ जुड़े टैक्स और अन्य शुल्क भी अधिक यूनिट पर लागू होंगे। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है।
बिजली कंपनी से जुड़े सूत्रों के अनुसार बिलिंग व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मीटर रीडरों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा गया है। इसी फेरबदल के कारण कुछ क्षेत्रों में निर्धारित समय पर रीडिंग नहीं हो सकी। नतीजतन बिल जनरेट होने में देरी हुई। उपभोक्ताओं का सवाल है कि व्यवस्था सुधारने के नाम पर यदि बिलिंग ही समय पर नहीं होगी तो इसका भार आखिर उपभोक्ताओं पर क्यों पड़ेगा।
तकनीकि कारणों से कुछ क्षेत्रों के बिजली बिल जारी नहीं हुए हैं। कुछ उपभोक्ताओं की शिकायतें भी आई हैं। मीटर रीडर को निर्देश दिए है कि जिन क्षेत्रों में रीडिंग नहीं ली है, तत्काल रीडिंग लेकर बिल जारी करें।- उमेश शर्मा, डीजीएम नार्थ संभाग बिजली कंपनी
विनय नगर सेक्टर-3 के कई क्षेत्रों के उपभोक्ताओं ने बिल नहीं आने की शिकायत बिजली कंपनी की हेल्पलाइन पर दर्ज कराई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर बिल नहीं मिलने से उन्हें यह पता ही नहीं चल पा रहा कि उनकी वास्तविक खपत कितनी है और कितना भुगतान करना है। वहीं एक साथ अधिक राशि का बिल आने पर घरेलू बजट भी प्रभावित होगा।
Updated on:
14 Aug 2026 10:56 am
Published on:
14 Aug 2026 10:56 am
