नवग्रह के नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कलश यात्रा में मंगलवार को हादसा हो गया। कलश बांटने के वक्त महिलाओं की भीड़ में भगदड़ मच गई। भीड़ में दबकर बुजुर्ग महिला की मौत हो गई और 3 साल की मासूम समेत 9 लोग जख्मी हुए हैं। इनमें 8 महिलाएं भी शामिल हैं। तीन […]
नवग्रह के नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कलश यात्रा में मंगलवार को हादसा हो गया। कलश बांटने के वक्त महिलाओं की भीड़ में भगदड़ मच गई। भीड़ में दबकर बुजुर्ग महिला की मौत हो गई और 3 साल की मासूम समेत 9 लोग जख्मी हुए हैं। इनमें 8 महिलाएं भी शामिल हैं। तीन घायलों को इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है। महिला की मौत के लिए परिजन ने इंतजामों पर आरोप लगाए हैं। आक्रोशित लोगों ने हाइवे पर लाश रखकर जाम लगाने की कोशिश की। यहां पुलिस ने दवाब बनाकर उन्हें रोका तो लोग लाश को गोद में उठाकर थाने ले गई और हंगामा कर दिया। प्राण प्रतिष्ठा आयोजन में हादसा सुनकर आइजी अरविंद सक्सेना, डीआइजी अमित सांघी, कलक्टर रुचिका चौहान भी डबरा पहुंची। आइजी सक्सेना ने घटना की रिपोर्ट मांगी है। उधर आयोजक, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अस्पताल जाकर मृत महिला के परिजनों से बात की और घायलों का हालचाल पूछा है।
मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से होना थी। इसमें 12 हजार से ज्यादा महिलाओं को शामिल करना तय हुआ था। यात्रा से पहले मंगलवार को स्टेडियम ग्राउंड में कलश बांटे जा रहे थे। स्टेडियम में प्रवेश के लिए पांच गेट हैं। इनमें तीन गेट बंद थे दो दरवाजों से महिलाओं को एंट्री दी गई थी। उधर बंद दरवाजों पर महिलाओं की ज्यादा भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है महिलाओं ने गेट खोलने के लिए कहा तो आयोजन समिति के लोगों ने बिना सोचे समझे गेट खोल दिए। इनमें एक गेट के आगे बना रैम्प टूटा था। गेट के खुलते ही महिलाओं की भीड़ स्टेडियम में दाखिल होने दौड़ी। जल्दबाजी में महिलाओं ने यह नहीं देखा रैम्प टूटा है। आगे चल रही महिलाएं उस पर फिसलीं तो पीछे आ रही महिलाओं की भीड़ ने उन्हें रौंद दिया।
मासूम बेटी को बचाने मां ने दांव पर लगाई जान
प्राची (3) पुत्री राजेन्द्र जाटव मां के साथ कलश यात्रा में आई थी। भगदड़ में प्रार्ची मां की गोद से उचट कर गिर गई। भीड़ उसे कुचलती हुई निकली तो बेटी को बचाने के लिए मां उसके ऊपर लेट गई हालांकि उसके बाद भी प्राची के सिर और शरीर में गहरी चोट आईं हैं। उसे ग्वालियर में निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
भीड़ बनी मौत
भीड़ में दबने से रति (65) पत्नी जगदीश साहू निवासी हनुमान कॉलोनी को गंभीर चोट आईं। रति की वहीं मौत हो गई। हादसे से कलश यात्रा में कोहराम मच गया। तब आयोजन समिति के लोग, प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। माहौल को संभालने के लिए कलश यात्रा को रवाना तब तक रति के परिजन और समर्थक उनकी लाश को उठाकर ले गए और आक्रोश में हंगामा कर दिया।
यह जख्मी हुए
सरोज पत्नी लालाराम साहू, ममता पत्नी बृजमोहन साहू , अनीता आहिरवार, कला पत्नी राधेलाल, दुर्गेश गौतम पत्नी भुवनेश , विमला पत्नी आशाराम वंशकार प्राची पुत्री राजेन्द्र, मथुरा पत्नी गुलाब, सुमन पत्नी कमलकिशोर, , उम्मेद सिंह रावत निवासी अशोक नगर जख्मी हुए हैं। इनमें अनीता, ममता साहू ,प्रार्ची और मथुरा को इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है।
हमें तो पर्चा चस्पा मिला, इंतजाम कमजोर थे
हम तो घर पर थे मां मथुरा झा (55) कलश यात्रा में गई थीं। उसमें भगदड सुनी तो भाग कर अस्पताल पहुंचे वहां पर्चा चिपका था महिला के हाथ पर गुलाब लिखा है उन्हें इलाज के लिए ग्वालियर भेजा है। तब जेएएच में आए यहां मां भर्ती थीं। उनकी हालत खराब थी। चिकित्सकों ने बताया उन्हें आइसीयू में रखा है। रात को हालत में सुधार होने पर उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया है। यात्रा में जिस हिसाब से भीड़ बुलाई थी उस हिसाब से सुरक्षा और दूसरे इंतजाम नहीं थे।
(जैसा मथुरा झा की बेटी गीता ने बताया )
70 पुलिसकर्मियों की डयूटी फिर भी हादसा
कलश यात्रा के प्रभारी एएसपी सत्येन्द्र सिंह तोमर थे। उनके साथ 70 पुलिस अधिकारी और जवानों की डयूटी थी। पूरी टीम को उनकी डयूटी बताई गई थी। पुलिस टीम कलश यात्रा शुरु होने के इंतजार में थी। उससे पहले कलश बांटने के दौरान हादसा हो गया।
रिपोर्ट मांगी, लापरवाही पर कार्रवाई
मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा आयोजन में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मंगलवार को भी कलश यात्रा के लिए बल तैनात था। हादसा कैसे हुआ उसकी रिपोर्ट मांगी है। उसके आधार पर लापरवाही तय कर कार्रवाई की जाएगी। महिला की मौत में मर्ग कायम कर उनके शव का परीक्षण कराया है।
अरविंद सक्सेना आइजी ग्वालियर रेंज