
Amarnath Yatra 2026 news: अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ हो रही है, जो 28 अगस्त तक चलेगी। इस बार यात्रा 57 दिनों की रहेगी, पिछले वर्ष 38 दिनों की रही थी। शहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए जाएंगे, इसकी शुरुआत शनिवार से हो गई है। शनिवार को 46 यात्रियों का पहला जत्था सुनील बिरला के नेतृत्व में झेलम एक्सप्रेस से रवाना हुआ। समिति के बबलू शिवहरे और दिलीप राठौर ने बताया, जत्था पहले माता वैष्णो देवी के दर्शन करेंगे, जिसके बाद बाबा बर्फानी के धाम जाएंगे। जत्था 10 जुलाई को वापस लौटेगा।
वहीं जुलाई के लिए ऑफलाइन बालटाल और पहलगाम रूट दोनों फुल हो चुके हैं। साथ ही जुलाई में ट्रेनों में रिजर्वेशन भी नहीं मिल पा रहे हैं। जो लोग यात्रा पंजीयन नहीं करा पाए हैं उनके लिए अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने जम्मू-श्रीनगर में पांच स्थानों पर ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराने के लिए काउंटर स्थापित किए है।
जम्मू में : सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम, पंचायत भवन (रेलवे स्टेशन के पास), महाजन हॉल और जम्मू यात्री निवास।
श्रीनगर में: टीआरसी (टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर) और बालटाल मार्ग के लिए गांदरबल।
स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (सीएचसी): किसी अधिकृत चिकित्सक की ओर से जारी।
पहचान पत्र : आधार कार्ड या वोटर आइडी जरूरी है।
फोटो : 4 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।
शुल्क : 220 रुपए नकद।
पंजीकरण फॉर्म: जो आपको केंद्र पर ही उपलब्ध होगा।
बाबा बर्फानी हर-हर महादेव सेवा समिति के उपाध्यक्ष राजेश सिंह सिकरवार ने बताया कि 28 जून को केरला एक्सप्रेस 75 लोगों का जत्था रवाना होगा। पहले मनीग्राम बेस कैंप पर लगे लंगर की तैयारियों को देखेंगे। उसके बाद 3 जुलाई को पहले दिन ही दर्शन करेंगे। माता वैष्णो देवी दर्शन करके वापसी 10 जुलाई को लौटेंगे। लंगर 2 जुलाई से प्रारंभकर दिया जाएगा। बालटाल से रवाना होंगे दर्शन के लिए।
समिति का दूसरा भी रविवार को ही शाम को रवाना होगा। इसमें 70 यात्री जाएंगे। यह जत्था समिति सचिव गौरव नागवानी एवं भरत ढींगरा के नेतृत्व में बालटाल मार्ग से 3 जुलाई को दर्शन करेगा। दर्शन के बाद जत्था किन्नौर महादेव के निकल जाएगा। वहीं समिति की ओर से लगने वाले लंगर के लिए खाद्य सामग्री की गाड़ी 24 जून को रवाना कर दी गई थी, इसकी तैयारियां जारी हैं। ये जत्था 14 जुलाई तक वापस लौटकर आएगा।
बम बम भोले सेवा दल ग्वालियर इस बार अपनी 26वीं अमरनाथ यात्रा के लिए तैयार है। संयोजक डॉ. संजय कुमार पांडेय ने बताया कि करीब 250 श्रद्धालुओं का जत्था 7 जुलाई को यहां से रवाना होकर 16 जुलाई को वापस लौटेगा।