
Diwali cleaning dust allergy prevention: दीपावली की साफ-सफाई और मौसम में उतार-चढ़ाव ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। घरों में उड़ती धूल और बदलते तापमान के बीच सर्दी-जुकाम, गले में खराश, एलर्जी और वायरल संक्रमण की शिकायतें बढ़ रही है। ग्वालियर अंचल के सबसे बड़े जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) में भी ऐसे मरीजों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की बात सामने आई है। डॉक्टरों के अनुसार, एक घर में एक व्यक्ति के बीमार पड़ने के बाद दूसरे परिजनों में भी संक्रमण फैलने के मामले सामने आ रहे हैं।
दीपावली से पहले घरों की गहन सफाई का दौर चल रहा है। लंबे समय से बंद अलमारियों, कमरों और सामान पर जमी धूल झाडने से हवा में महीन कण फैल रहे हैं। ये कण सांस के साथ शरीर में पहुंचकर एलर्जी और सांस संबंधी परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा सड़कों पर उड़ती धूल भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। अस्पताल की ओपीडी में सर्दी-जुकाम, गले में खराश, एलजी और बुखार की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण भी लीग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंडक के बीच सर्दी-जुकाम, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायतें हो रही हैं। घर में एक सदस्य के संक्रमित होने पर दूसरे सवस्यों तक संक्रमण पहुंचने की आशंका भी रहती है। ऐसे में साफ-सफाई के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी रखना जरूरी है।
सफाई के समय मास्क पहनें- धूल के संपर्क में आने से बचने के लिए मास्क का उपयोग करें।
पानी का हल्का छिड़काव करें- झाडू लगाने से पहले फर्श पर हल्का पानी छिड़कें, ताकि धूल कम उड़े।
गुनगुना पानी पिएं- गले में खराश होने पर गुनगुना पानी राहत दे सकता है।
हाथों की सफाई रखें- खासकर खांसने, छींकने और नाक साफ करने के बाद हाथ धोएं।
पर्याप्त आराम करें- संतुलित भोजन लें और बुखार या सांस संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श करें।
कमरे में हवा का आवागमन रखें- सफाई के दौरान खिड़कियां खोलें और धूल उड़ने पर कुछ देर उस जगह से दूर रहें।
मौसम में बदलाव और घरों की सफाई के दौरान उड़ने वाली धूल के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। इन दिनों ओपीडी में मरीजों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। लोगों को धूल से बचाव के साथ मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।-
डॉ. अजयपाल सिंह, मेडिसिन विभाग, जीआरएमसी