
Gwalior News : तेज बुखार, कंपकंपी, शरीर दर्द और कमजोरी… लक्षण पूरे मलेरिया जैसे, लेकिन जांच रिपोर्ट में मलेरिया की पुष्टी नहीं हो रही। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इन दिनों मौसमी बीमारियों का स्वरूप बदलता नजर आ रहा है। जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) की मेडिसिन ओपीडी में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें मलेरिया जैसे लक्षण हैं, लेकिन पैथोलॉजी जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हो रही। इससे डॉक्टर भी सतर्क हैं और लोगों को स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेने की हिदायत दे रहे हैं।
जेएएच की मेडिसिन ओपीडी में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज तेज वायरल बुखार, कंपकंपी, लगातार उल्टी, दस्त, खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, ओपीडी में आने वाले करीब 20 प्रतिशत मरीजों में ऐसे लक्षण मिल रहे हैं, जिनकी शुरुआत मलेरिया जैसी लगती है, लेकिन जांच रिपोर्ट सामान्य या मलेरिया नेगेटिव आती है। ऐसे मरीजों में कमजोरी और बुखार कई दिनों तक बना रह रहा है।
विशेषज्ञों और बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण वायरल संक्रमण का असर बढ़ा है। कई मामलों में संक्रमण सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आता, इसलिए मरीज लंबे समय तक लक्षणों से परेशान रहते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में चिकित्सकीय परामर्श और जरूरत के अनुसार जांच कराना जरूरी है।
-ताजा और स्वच्छ भोजन करें, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
-उबला या फिल्टर किया पानी ही पिएं।
-घर और आसपास पानी जमा न होने दें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
-बुखार, उल्टी, दस्त या लगातार खांसी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
जीआरएमसी में मेडिसिन विभाग के डॉ. अजयपाल सिंह का कहना है कि, गर्मी, उमस और मौसम में बदलाव के कारण इस तरह के मामले बढ़े हैं। कई मरीजों में मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन जांच में मलेरिया की पुष्टि नहीं होती। ऐसे में लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से जांच व उपचार कराएं।