ग्वालियर

लिव इन रिलेशनशिप का शपथ पत्र देना समाज में परिवारों के गौरव व सम्मान को प्रभावित कर रहा: कोर्ट

हाईकोर्ट युगल पीठ ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर दिए जाने वाले शपथ पत्र पर गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि लिव इन रिलेशनशिप का शपथ पत्र देकर लडक़ी के मन में गलत धारणा बनती है, कि वह कानून के अनुसार लडक़े साथ रह रही है। इससे कई मुकदमों का जन्म होता है। जिससे लडक़ी के अधिकार खतरे में पड़ जाते हैं।

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Jul 17, 2025
gwalior high court

हाईकोर्ट युगल पीठ ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर दिए जाने वाले शपथ पत्र पर गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि लिव इन रिलेशनशिप का शपथ पत्र देकर लडक़ी के मन में गलत धारणा बनती है, कि वह कानून के अनुसार लडक़े साथ रह रही है। इससे कई मुकदमों का जन्म होता है। जिससे लडक़ी के अधिकार खतरे में पड़ जाते हैं। शपथ आयुक्त (नोटरी) ने लिव इन रिलेशनशिप का शपथ पत्र देकर गैर जिम्मेदाराना कृत्य किया है। यह कृत्य बहुमूल्य अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इससे समाज में परिवारों का गौरव व सम्मान प्रभावित हो रहा है। इसलिए शपथ आयुक्त का कृत्य क्षमा योग्य नहीं है। विधि विधायी विभाग के प्रमुख सचिव नोटरी राघवेंद्र कुमार शर्मा के आचरण की जांच करें और उस पर फैसला लें। प्रमुख सचिव को तीन महीने के भीतर फैसला लेना होगा।

- हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप के शपथ पत्र को नोटरी करने वाले शपथ आयुक्त कार्रवाई क आदेश

दरअसल हाईकोर्ट ने नोटरी राघवेंद्र शर्मा से पूछा था कि किस कानूनी अधिकार के तहत लिव इन रिलेशनशिप के शपथ पत्र को नोटरीकृत किया। राघवेंद्र शर्मा ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि विवाह व तलाक के दस्तावेज लिव इन रिलेशनशिप से भिन्न होते हैं। इसलिए शपथ पत्र को वैध मानते हुए नोटरीकृत किया। बिना शर्त माफी चाहते हैं। कोर्ट ने राघवेंद्र शर्मा के माफीनामे को स्वीकार नहीं किया। इसे मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को मामला भेज दिया।

क्या है मामला

दरअसल ललित रजक ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। उसने तर्क दिया कि कॉपर्स (युवती) उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। उसको चार महीने का बच्चा भी है, लेकिन अपर कलेक्टर के आदेश पर कॉपर्स को सुधार गृह भेज दिया। उसे वहां से मुक्त नहीं किया जा रहा है। लिव इन रिलेशनशिप का शपथ पत्र मुरैना के सबलगढ़ में नोटरी करने वाले राघवेंद्र शर्मा ने सत्यापित किया है। हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप का शपथ पत्र देने के मामले को संज्ञान में लिया। याचिका खारिज कर दी। राघवेंद्र शर्मा से नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

Published on:
17 Jul 2025 06:57 pm
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