ग्वालियर

खुशखबरी… सोलर पैनल लगाने पर ‘प्रॉपर्टी टैक्स’ में 6% छूट, ऐसे मिलेगा फायदा

MP News: मध्यप्रदेश में आत्म निर्भर नगरीय निकाय योजना अंतर्गत नगर निगम सीमा में सोलर पैनल (Solar Panel) लगाने पर संपत्तिकर में 6 प्रतिशत छूट दी जाएगी। ऐसे मिलेगा फायदा...
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Updated: 9 Sep 2025, 2:45 PM IST
discount in Property Tax on installing Solar Panel
सोलर पैनल लगाने के फायदे (फोटो सोर्स : पत्रिका क्रिएटिव)

MP News: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में आत्म निर्भर नगरीय निकाय योजना अंतर्गत नगर निगम सीमा में सोलर पैनल (सौर ऊर्जा) लगाने पर संपत्तिकर में छह प्रतिशत छूट दी जाएगी। सोमवार को नगर निगम परिषद के साधारण सम्मेलन में इसका प्रस्ताव पास किया गया। इस प्रस्ताव पर चर्चा के साथ ही सभापति ने दस मिनट के लिए परिषद स्थगित कर नेता प्रतिपक्ष के चेंबर में चर्चा कर इस प्रस्ताव को पास किया।

इस तरह मिलेगी सौर ऊर्जा में छूट

  • 1500 वर्गफीट के भवन/भूमि पर एक किलो वाटर से 2 किलो वाट तक के सोलर पैनल होने पर।
  • 1501 वर्गफीट से 5000 वर्गफीट तक के भवन/भूमि पर 03 किलो वाट से 5 किलो वाट तक के सोलर पैनल होने पर।
  • 5000 वर्गफीट के भवन/भूमि पर 05 किलो वाट से अधिक का सोलर पैनल होने पर।

तय बिंदु पर सिर्फ 20 मिनट चर्चा

परिषद के साधारण सम्मेलन में पार्षद करोड़ों की योजनाओं, सड़क और विकास कार्यों पर चर्चा करने के बजाय सीवर, सफाई, एलईडी लाइट पर सवा घंटे तक बहस करते रहे, जबकि चार अहम बिंदुओं पर केवल 20 मिनट ही चर्चा हुई। निगम आयुक्त की जगह आए प्रभारी अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने कहा, जिले में अत्यधिक बारिश होने से वार्ड 8,18, 19, 59 व 60 में जलभराव व सीवर की समस्या है, अमला निराकरण कर रहा है।

जनता को समाधान कब

सभापति मनोज तोमर ने निर्देश दिए कि मटपंप लगाने और नहीं होने पर खरीदने, नाले से अतिक्रमण हटाने और सीवर, सफाई समस्या का समाधान जल्द करें। ऐसे में पार्षदों ने सवाल उठाया कि अगर अमला इतना ही मुस्तैद हैं, तो हर मोहल्ले में शिकायतों का अंबार क्यों है? परिषद की बैठक में सिर्फ चर्चा हो रही है, न सड़कें सुधर रही हैं, न नालियां, और न ही शहर की तस्वीर बदल रही हैं। बैठक से केवल निर्देश निकलते हैं तो जनता को समाधान कब मिलेगा?।

ये बोले पार्षद-

  • हरिपाल नेता प्रतिपक्ष: टेंडर शाखा व स्वास्थ्य विभाग में काफी गड़बड़ी है। महापौर-आयुक्त नहीं हैं, ऐसे में गंगे बोले रहे हैं, बहरे सुन रहे हैं, जैसी स्थिति है।
  • बृजेश श्रीवास : ठेकेदारी व संविदा नियुक्ति को समाप्त किया जाए, बाबू व कंप्यूटर ऑपरेटर जेडओ व उपायुक्त बने हैं।
  • रेखा त्रिपाठी: डीडी नगर में हालात काफी खराब हैं, आयुक्त के निरीक्षण के सात दिन बाद भी समस्या जैसी की तैसी है।
  • नागेंद्र राणा: हर बार परिषद में यही होता है, अध्यक्ष, आप आदेश देते हैं पर पालन नहीं होता। वार्ड में ऐसे अधिकारी नियुक्त हैं, जिन्हें फील्ड में नहीं भेजना है।
  • अवधेश कौरव: अधिकारी अब फूट डालकर काम निकाल रहे हैं। आपसी झगड़ा छोड़ विकास पर चर्चा करें।

पार्षदों ने लगाए महापौर पर आरोप

जलभराव व सीवर को लेकर पार्षद बृजेश, नागेंद्र व गिर्राज सिंह कंसाना ने महापौर पर फील्ड में नहीं जाने के आरोप लगाए तो एमआईसी सदस्य अवधेश कौरव ने कहा कि सीवर व जलभराव को लेकर महापौर सिकरवार ने 21 अगस्त को आयुक्त को पत्र लिखकर ठेकेदार पर कार्रवाई व एफआइआर के लिए कहा है। आयुक्त ने कार्रवाई नहीं की है, आप प्रस्ताव लाएं हम साथ देंगे।

Updated on:
9 Sep 2025, 2:45 PM IST
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