
Gwalior News : लखनऊ की कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में हुए हादसे के बाद मध्य प्रदेश में भी सुरक्षा मापदंडों के मद्देनजर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी के चलते ग्वालियर नगर निगम और फायर विभाग ने बुधवार को शहर में सर्चिंग अभियान चलाया। फायर टीम ने शहर के लक्ष्मीबाई कॉलोनी और थाटीपुर इलाकों में चल रही कुछ कोचिंग संस्थाओं के साथ साथ एक बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी पाए जाने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए दो कोचिंग संस्थानों और एक कपड़ा ‑ गोदाम को तत्काल प्रभाव से बंद करते सील कर दिया।
सबसे चिंताजनक स्थिति लोको स्थित अभिज्ञान कोचिंग में देखने को मिली, जहां कक्षाएं तो पूरी तरह भरी थीं और लगभग 200 छात्र ठसाठस बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। फायर टीम ने पाया कि, यहां कोई फायर ‑ एक्सटिंग्गुइशर नहीं थे, आपातकालीन निकास,इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था अनुपस्थित थी। बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता देखते हुए टीम ने कक्षाएं वहीं रुकवाईं, छात्रों को सुरक्षित घर भेजा और तुरंत कोचिंग को बंद कर दिया।
फायर टीम ने थाटीपुर स्थित नोनिहाल स्कूल यूनिफॉर्म प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया। यह सिर्फ दुकान नहीं, बल्कि गोदाम, यूनिफॉर्म बनाने की यूनिट और कार्यालय का मिश्रित परिसर था। भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्रियों का स्टॉक एवं अपर्याप्त अग्नि सुरक्षा देखकर यह प्रतिष्ठान भी तत्काल बंद कर दिया गया।
मामले की जानकारी देते हुए नोडल अधिकारी रजनीश गुप्ता ने बताया कि, बंद किए गए संस्थानों को फायर - एनओसी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुधारकर ही खोला जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि, नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई और दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे। यह कार्रवाई इस बात की दरकार है कि अब कोचिंग संचालक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों को हल्के में न लें। एक छोटी चिंगारी भी बच्चों और आम जनता की जान ले सकती है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में तीन मंजिला इमारत में सोमवार दोपहर आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई. यह इमारत एक 'डेथ ट्रैप' बन गई क्योंकि इसमें आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता था। उस अकेले रास्ते में एयर-कंडीशनिंग पैनल, उलझे हुए तार और दूसरे उपकरण लगे हुए थे, जिससे आग फैलने पर अंदर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलने के लिए बहुत कम जगह बची थी।