
MP Weather: एमपी के ग्वालियर शहर में मानसूनी गतिविधियों पर ब्रेक लगते ही मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। बादलों की लुकाछिपी के बीच निकली तेज धूप और हवा में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण शहरवासियों को भीषण उमस का सामना करना पड़ा। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार यह राहत भरी खबर है कि 20 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय होगा और अंचल में अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) विकसित हुआ है। यह सिस्टम झारखंड और आसपास के इलाकों से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आगामी 48 घंटों में ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसूनी ट्रफ लाइन सक्रिय होगी, जिससे गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर फिर शुरू होगा।
मौसम विभाग ने भोपाल, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दिनभर तीखी धूप निकलने से अधिकतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री बढ़कर 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक है। सुबह के समय आर्द्रता 87 फीसदी और शाम को 75 फीसदी दर्ज की गई।
तिघरा क्षेत्र के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश होने से तिघरा में पानी बढ़ता रहा है। बीते दिन तिघरा का वाटर लेवल 726.53 फीट हो गया और 40 दिन से ज्यादा का पानी बढ़ गया है। कार्यपालन यंत्री शिशिर श्रीवास्तव ने बताया, तिघरा में अभी 1800 एमसीएफटी पानी है और तिघरा 40 प्रतिशत भरा हुआ है। अभी प्रतिदिन सप्लाई के लिए 8.76 एमसीएफटी पानी लिया जा रहा है।
आईएमडी की मानें तो एमपी में अब तक 544.4 मिमी यानी, 21.4 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 24.4 इंच (618.8 मिमी) की तुलना में 3 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 12 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 18% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 6% बारिश कम हुई है।