Mp news: केंद्र शासन के एक पूर्व के परिपत्र के हवाले कहा कि नोटरी को कोई भी विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं है।
Mp news: एमपी के ग्वालियर में लिव इन रिलेशनशिप को नोटरीकृत करने वाले नोटरी से हाईकोर्ट ने पूछा है कि आखिर किस कानून के तहत यह नोटरीकृत किया गया। सोमवार को एकलपीठ ने नोटरी पीके दुबे से जवाब मांगे और जवाब देने के लिए 3 अप्रेल तक का समय दिया।
इस दौरान केंद्र शासन के एक पूर्व के परिपत्र के हवाले कहा कि नोटरी को कोई भी विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने जवाब देने से पहले पीके दुबे ने लिव इन रिलेशनशिप के दस्तावेज मांगे थे। साथ ही कोर्ट ने प्रिंसिपल रजिस्ट्रार के यहां से दस्तावेज लिए जाने का आदेश दिया।
लिव इन रिलेशन में रह रहे लड़के ने हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए याचिका दायर की। उसने लड़की मुस्लिम होने से खतरा जताया। झूठी शिकायत करने की बात कही। कहा, उन्होंने अपने लिव इन रिलेशनशिप को नोटरीकृत भी कराया। कोर्ट ने इससे मामले को संज्ञान लिया।
वहीं पुलिस की ओर से विरोध करते हुए कहा कि थाने में कहीं भी सूचना नहीं दी है। न ऐसा कोई साक्ष्य पेश किया, जिससे साबित हो सके कि ये पुलिस के पास गए थे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि याचिकाकर्ताओं को क्या खतरा है, यह साबित नहीं होने पर याचिका खारिज कर दी। दूसरी ओर लिव इन रिलेशनशिप के दस्तावेज को नोटरी करने वाले पीके दुबे को नोटिस जारी कर कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए थे।