
Gwalior Patient Death During Doctors Strike: मध्यप्रदेश के ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल में बुधवार को डॉक्टरों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। आरोप है कि डॉक्टरों की हड़ताल के कारण एक मरीज की इलाज न मिलने पर अस्पताल में मौत हो गई। मुरैना के रहने वाले मरीज को उसकी पत्नी इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। मरीज का पर्चा बना और जांचें भी हो गईं लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। पत्नी डॉक्टरों और स्टाफ से पति को भर्ती कर इलाज करने की गुहार लगाती रही लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। करीब 4 घंटे तक मरीज अस्पताल में फर्श पर लेटे-लेटे इलाज का इंतजार करता रहा और दम तोड़ दिया।
दतिया जिले के उंचिया गांव के रहने वाले 60 वर्षीय रतीराम को उनकी पत्नी रामप्यारी बाई इलाज कराने के लिए बुधवार को ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल लेकर पहुंची थी। पत्नी रामप्यारी बाई ने बताया कि पति को बीते एक-डेढ़ महीने से बुखार आ रहा था। झांसी और दतिया में इलाज कराया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ था ग्वालियर में 100 बिस्तर अस्पताल लेकर आई थी। सुबह करीब 10 बजे पर्चा बन गया था और जांचें भी हो गईं थीं लेकिन फिर भी पति को भर्ती नहीं किया गया।
पत्नी रामप्यारी बाई के मुताबिक वो डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ से पति को भर्ती करने और इलाज करने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने भी उसकी बात नहीं सुनी। पति को फर्श पर ही लिटा दिया था, दोपहर करीब दो बजे पति रतीराम की मौत हो गई। आरोप है कि इस दौरान अस्पताल के स्टाफ ने स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया। जब रतीराम की मौत हो गई तो उन्हें स्ट्रेचर पर आईसीयू में ले गए और फिर मृत घोषित कर दिया।
बता दें कि बुधवार को 1000 बिस्तर अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर थे। मंगलवार रात को अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात दो डॉक्टरों के साथ एक मरीज के परिजनों ने विवाद करते हुए मारपीट की थी। इसी घटना के विरोध में बुधवार को डॉक्टरों ने अस्पताल में हड़ताल कर दी। हड़ताल के कारण अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।