IIT JEE Mains Advance Exams: प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली व साइबर अपराध को रोकने के लिए केंद्र ने बड़ा कदम उठाया है। अब डॉक्टर-इंजीनियर की परीक्षाओं की कमान साइबर कमांडो के हाथ होगी। ये हाइटेक योद्धा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज की परीक्षाओं में नकल, हैकिंग रोकेंगे। राज्य साइबर […]
IIT JEE Mains Advance Exams: प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली व साइबर अपराध को रोकने के लिए केंद्र ने बड़ा कदम उठाया है। अब डॉक्टर-इंजीनियर की परीक्षाओं की कमान साइबर कमांडो के हाथ होगी। ये हाइटेक योद्धा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज की परीक्षाओं में नकल, हैकिंग रोकेंगे। राज्य साइबर सेल के एसपी प्रयण नागवंशी ने बताया, देश में 243 साइबर कमांडो को मिशन पर लगाया है। इनमें से मप्र के भी 6 कमांडो हैं।
राज्य साइबर सेल के अफसरों का कहना है, हाल के वर्षों में ऑनलाइन परीक्षाओं (IIT JEE Mains Advance Exams) में रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल नेटवर्क के जरिए धांधली के कई मामले आए हैं। इन पर लगाम लगाने के लिए साइबर कमांडो दस्ता तैयार किया गया।
परीक्षा केंद्रों को अस्थाई साइबर कंट्रोल रूम में बदला जा रहा है। परीक्षा से एक दिन पहले कमांडो केंद्र के कम्प्यूटर नेटवर्क और अन्य उपकरण जांच कर सील करेंगे। केंद्रों पर जैमर के जरिए मोबाइल और संचार के साधनों को जाम करेंगे। इससे परीक्षा के दौरान हैकिंग, डेटा चोरी या नेटवर्क ट्रैफिक में सेंधमारी नहीं हो सकेगी।
- आइआइटी जेईई मेन्स
-आइआइटी जेईई एडवांस
- नीट यूजी
- जूनियर रिसर्च फैलोशिप
- नीट पीजी
राज्य साइबर सेल के अफसरों का कहना है अभी यह व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए है। आगे एमपी-पीएससी, व्यापमं और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं को भी इस मॉडल के दायरे में लाने की तैयारी है। इससे पूरे प्रदेश में परीक्षा प्रणाली मजबूत होगी।