
Cyber crime: साइबर ठगों ने लाइफ सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर एक 84 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी को ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने फेसबुक पर आए एक विज्ञापन के जरिए उनसे एपीके फाइल डाउनलोड करवाई और इसी के माध्यम से उनके मोबाइल तक पहुंच बना ली। इसके बाद उनके बैंक खाते से 95 हजार रुपए निकाल लिए गए। मामले में ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए ग्वालियर पुलिस को सौंप दिया गया है। घासमंडी, मद्दी का बाजार निवासी उसाद्दीन मोहम्मद ने पुलिस को बताया कि वह शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हैं।
19 फरवरी की शाम करीब चार बजे वह अपने मोबाइल पर फेसबुक देख रहे थे। इसी दौरान रील देखते समय उन्हें घर बैठे लाइफ सर्टिफिकेट बनाने का एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में एक लिंक दिया गया था, जिसमें एपीके फाइल डाउनलोड करने का विकल्प था।
चूंकि उन्हें बैंक में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना था, इसलिए उन्होंने बिना ज्यादा सोचे लिंक पर क्लिक कर फाइल डाउनलोड कर ली। फाइल खुलते ही उनका मोबाइल अचानक हैंग हो गया। करीब 16 घंटे बाद 20 फरवरी की सुबह जब मोबाइल दोबारा चालू हुआ तो उनके खाते से पैसे निकलने के मैसेज आने लगे।
लगातार मैसेज आने के बाद बुजुर्ग तुरंत बैंक पहुंचे और खाते की जानकारी ली। वहां पता चला कि यूपीआई के माध्यम से उनके खाते से 95 हजार रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। पीड़ित का कहना है कि न तो उनके मोबाइल पर कोई ओटीपी आया और न ही उन्होंने खुद कोई ट्रांजेक्शन किया।
इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। वहां से ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला जांच के लिए ग्वालियर पुलिस को भेज दिया गया है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड करने से बचें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से सुरक्षित रहा जा सके।