
ग्वालियर. पांच साल की अनाथ मासूम पर उसकी अपनी दीदी और जीजा ने जुल्म ढाए। उम्रदराज पड़ौसी ने भी उसे नहीं बख्शा। इस प्रकरण में विशेष न्यायाधीश अर्चना सिंह ने फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दीदी-जीजा ने किया पाशविक कृत्य उनके लिए कोई भी सजा कम होगी
एक मासूम बच्ची, जिसके माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं। उसकी सगी बहन व उसके जीजा, जो कि उसके एकमात्र पालनहार रह गए थे, उन्होंने ही उस मासूम के साथ जो पाशविक कृत्य किया है, उनके लिए कोई भी सजा कम होगी। लिहाजा दोनों को अदालत ने आजन्म कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 37-37 हजार रुपए का जुर्माना किया है।
न उम्र का ख्याल रखा न नाम का लिहाज, इसलिए दया का पात्र नहीं
आरोपी बाबा उर्फ ईश्वरी को सजा सुनाते हुए कहा कि 55 साल के इस व्यक्ति ने अपनी आयु, अपने नाम व परिपक्वता का लिहाज न करते हुए नरपिशाच के समान कृत्य किया है। इस कारण उसकी इतनी उम्र होने के बाद भी वह किसी भी प्रकार की दया का पात्र नहीं है। ईश्वरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार का जुर्माना भी किया है।
मेडिकल रिपोर्ट में ज्यादती की पुष्टि
इस मासूम के साथ जो अत्याचार किया गया उसकी मेडिकल रिपोर्ट से भी पुष्टि हुई। इस बालिका को जब अदालत में लाया गया था तब भी वह काफी डरी हुई थी। तब दो महिला मजिस्ट्रेट ने उसके बयान लिए थे। अदालत ने मासूम की दीदी और उसके जीजा पर पीडि़त बालिका को अर्थदंड की राशि से 75 हजार रुपए दिलाए जाने के भी आदेश दिए हैंं। इस मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी अनिल मिश्रा ने पैरवी की।
यातना की इंतहा...भूखी रखते, मुंह में कपड़ा ठूंसकर बनाते हवस की शिकार
फरियादिया मासूम ने थाना महाराजपुरा में पड़ोसियों के सहयोग से 20 अप्रैल 17 को एक आवेदन दिया कि उसकी उम्र पांच साल है वह अपनी सगी दीदी व जीजा के साथ रहती है। उसके माता-पिता नहीं हैं। उसकी दीदी व जीजा उसको लात घूसों से पीटते हैं। खाना भी नहीं देते। कई बार उस पर गर्म पानी फेंक देते थे। उसका जीजा उसके साथ गलत काम करता था। दो और लोग छत से घर में आते थे, जिन्हें उसकी दीदी बुलाती थी। दोनों उसके साथ गलत काम करते थे, जब वह चिल्लाती थी तो उसका मुंह कपड़े से बांध देती और उसे पंखे पर भी लटका देते थे। बाबा ईश्वरी वाल्मीकि और उसका जीजा उसके साथ जो कृत्य करते थे उसके बाद उसे कपड़े भी पहनने के लिए नहीं देते थे। पड़ोसियों ने मासूम के साथ ज्यादतियों की रिपोर्ट पुलिस से की। तब आरोपियों के खिलाफ प्रकरण कायम किया गया।
पिता और चाची को भी अदालत ने सुनाई सजा
विशेष न्यायालय ने मासूम के साथ गलत हरकत करने वाले उसके पिता व चाची को दोषी पाते हुए एक-एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर पांच-पांच सौ रुपए का जुर्माना किया है।