ग्वालियर

MP fake passport racket: 9 साल से देश में छुपा था फर्जी पासपोर्ट कांड का मास्टरमाइंड, STF को मिले तगड़े कनेक्शन

MP fake passport racket: फर्जी दस्तावेजों से 70 बांग्लादेशी घुसपैठियों के भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाले सिंडिकेट का मास्टरमाइंड रियाल चौधरी गिरफ्तार, जिसने सैन्य क्षेत्रों के पास ठिकाने बनाए। एसटीएफ जांच में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल उठे हैं।
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MP fake passport racket (फोटो सोर्स- Magnific)
MP fake passport racket (फोटो सोर्स- Magnific)

Gwalior news: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 70 बांग्लादेशी घुसपैठियों के भारतीय पासपोर्ट तैयार कराने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की जांच जैसे-मास्टरमाइंड रियाल चौधरी जैसे आगे बढ़ रही है, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बेहद डरावने और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस बात से पर्दा उठ चुका है कि फर्जी तरीके से पासपोर्ट कैसे बनवाए गए, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि क्या धर्म का चोला ओढ़कर आए इन 70 बांग्लादेशियों का मकसद सिर्फ पासपोर्ट हासिल करना था या इसके पीछे कोई खतरनाक देशविरोधी मिशन छिपा था ? जांच एजेंसियों की चिंता इस बात को लेकर सबसे ज्यादा गहरी है कि मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु ने अपने अवैध ठिकाने और सेफ हाउस देश के सबसे संवेदनशील और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य इलाकों के ठीक पास क्यों चुने ?

मास्टरमाइंड ने एमपी के दो शहरों को बनाया केंद्र

एसटीएफ की पूछताछ में मास्टरमाइंड रियाल चौधरी ने स्वीकार किया कि वह 9 साल पहले (2017) में अवैध तरीके से बांग्लादेश की सीमा लांघकर भारत में घुसा था। कुछ समय असम में दुबकने के बाद उसने धर्म की आड़ ली और मध्य प्रदेश के दो अहम शहरों को अपना केंद्र बनाया।

  1. आमला (बैतूल) एयरफोर्स डिपो के पासः रियाल ने बैतूल के आमला स्थित बौद्ध विहार में लंबा डेरा जमाया। खास बात यह है कि यह बौद्ध विहार देश के प्रमुख वायुसेना स्टेशन (28 इक्विपमेंट डिपो) से महज 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इंसी मठ के पते का इस्तेमाल कर उसने कई बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनवाए और वे फरार हो गए।
  2. डबरा (ग्वालियर) बीएसएफ अकादमी के पासः रियाल ने फर्जी पासपोर्ट का दूसरा बड़ा केंद्र डबरा के सिमरिया गांव (वार्ड-1) स्थित तथागत बुद्ध विहार और अंबेडकर पार्क को बनाया। यहां से टेकनपुर स्थित देश की प्रतिष्ठित बीएसएफ अकादमी की दूरी सिर्फ 8 से 8.5 किलोमीटर है।

पाकिस्तानी एजेंट भी पकड़े जा चुके हैं...

इसके अलावा, ग्वालियर शहर में भी वायुसेना का सामरिक एयरबेस और सेना के बड़े सेंटर मौजूद हैं। पूर्व में ग्वालियर एयरबेस की जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी एजेंट भी पकड़े जा चुके हैं, ऐसे में इन सामरिक केंद्रों के पास विदेशी घुसपैठियों का लंबे समय तक बिना पहचान के जमे रहना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय ग्रामीण भाषा नहीं समझ पाते थे

पड़ताल में यह भी सामने आया है कि सिमरिया टेकरी और उसके आसपास बने बौद्ध विहार में कुछ साल पहले ऐसे अनजान लोग आकर ठहरे थे, जिनकी भाषा स्थानीय ग्रामीण बिल्कुल नहीं समझ पाते थे। वे कौन थे और कहां से आए थे, इसकी कोई पुख्ता जानकारी स्थानीय प्रशासन के पास नहीं थी। शातिर मास्टरमाइंड रियाल ने इस फर्जीवाड़े के लिए कोरोना काल (लॉकडाउन) का समय चुना।

यह है मामला

फर्जी दस्तावेज से 70 बांग्लादेशी घुसपैठियों के पासपोर्ट बनवाने का खुलासा एसटीएफ ने किया है। इसमें मास्टरमाइंड रियाल चौधरी, विप्लव अधिकारी, प्रयान रॉय और जॉय चौधरी सहित भोपाल में पासपोर्ट दलाल नसीम अखतर को पकड़ा है। अब उनसे पूछताछ में खुलासे हो रहे हैं।

Updated on:
23 Sept 2026 08:52 am
Published on:
23 Sept 2026 08:52 am