ग्वालियर

नागपुर मॉडल पर MP में बनाया फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क, 31 पासपोर्ट रद्द; बाकी 39 पर कार्रवाई की तैयारी

MP Fake Passport Syndicate: नेटवर्क का खुलासा करने नागपुर पुलिस से मांगी केस डायरी, अब तक 31 फर्जी पासपोर्ट निरस्त और 39 अन्य फर्जी पासपोर्ट पर कार्रवाई की तैयारी।
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Updated: 6 Nov 2026, 10:18 PM IST
Fake Passport Syndicate
Fake Passport Syndicate, एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर (Source-Chatgpt)

MP Fake Passport Syndicate: मध्यप्रदेश में धर्म और फर्जी दस्तावेजों की आड़ में बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने वाले सिंडीकेट पर धीरे-धीरे शिकंजा कसा जा रहा है। पांच जिलों ग्वालियर, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना में फर्जी पतों के आधार पर 70 बांग्लादेशियों के भारतीय पासपोर्ट बनवाने के मामले में एसटीएफ की रिपोर्ट पर 31 पासपोर्ट निरस्त कर दिए गए हैं। बाकी 39 पासपोर्ट भी रद्द कराने की प्रक्रिया चल रही है। बताया जाता है कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि देश की सुरक्षा में सेंध लगाने का खाका नागपुर मॉडल पर तैयार किया गया है। फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क के तार नागपुर से जुड़ते नजर आए हैं। इसका तरीका समझने एसटीएफ ने नागपुर पुलिस से संबंधित मामले की केस डायरी मांगी है।

नागपुर मॉडल पर खेल, केस डायरी से खुलेगी पहचान

मप्र में फर्जी पासपोर्ट का नेटवर्क संचालित करने वाला सिंडीकेट इससे पहले नागपुर में भी फर्जी पासपोर्ट बनवा चुका है। वहां पकड़े जाने के बाद गिरोह ने मप्र में उसी मॉडल पर 70 घुसपैठियों के पासपोर्ट बनवाए थे। एसटीएफ यह पता लगा रही है कि गिरोह फर्जी पते और दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने के लिए किन लोगों की मदद लेता था। इसी वजह से एसटीएफ ने नागपुर पुलिस से फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले की केस डायरी मांगी है। इससे ग्वालियर सहित मप्र के पांच जिलों में फैले फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की कड़ियां सामने आ सकती हैं।

जहां होंगे, वहीं फंसेंगे घुसपैठिए

चार महीने की मशक्कत के बाद 17 फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले मास्टरमाइंड रियाल उर्फ मित्यानंद भिक्षु सहित विप्लव अधिकारी, जॉय चौधरी और प्रयॉन राय के अलावा लोकल स्लीपर सेल के गुलाबराय उर्फ स‹म्यक बोधि भंते, गयाप्रसाद उर्फ ज्ञानज्योति भंते और भोपाल के पासपोर्ट एजेंट नसीम अ’ख्तर ही एसटीएफ के हाथ आए हैं। बाकी 66 घुसपैठिए फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि फर्जी पासपोर्ट की जांच शुरू होने की भनक लगते ही ज्यादातर घुसपैठिए मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और चीन सहित अन्य देशों में भाग गए हैं।

अभी तक ये खुलासे हुए

बांग्लादेशियों की घुसपैठ कराने और उनके फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु के दावे झूठे निकले हैं। उसने खुद को पहले चराइदेव (असम) और फिर बैतूल मठ का रहने वाला बताया था। एसटीएफ की जांच में उसके दावे गलत पाए गए हैं। रियाल चौधरी के बारे में पता चला है कि वह बांग्लादेश के चटगांव का रहने वाला है और सुनियोजित तरीके से सीमा पार कर भारत आया था। यहां बौद्ध धर्म की दीक्षा लेकर धर्म प्रचार की आड़ में उसने धर्म के अनुयायियों के बीच पैठ बनाई और फिर बांग्लादेश से अपने साथियों को घुसपैठ के जरिए भारत बुलाया।

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6 Nov 2026, 10:18 PM IST
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