BJP and congress councillors created ruckus: ग्वालियर नगर निगम परिषद के साधारण सम्मेलन में शुक्रवार को जन समस्याओं पर चर्चा न कराने पर पार्षदों ने जमकर हंगामा कर दिया। भाजपा के पार्षद दो गुटों में बंट गए और कांग्रेस पार्षदों में हाथापाई की नौबत आ गई। (MP News)
MP News: ग्वालियर नगर निगम परिषद के साधारण सम्मेलन में शुक्रवार को जन समस्याओं पर चर्चा न कराने पर पार्षदों ने जमकर हंगामा कर दिया। वार्ड 21 के भाजपा पार्षद ब्रजेश श्रीवास सीवर, जल कर, सड़क पर लगाए गए स्थगन पर चर्चा कराने पर अड़े थे, लेकिन सभापति मनोज सिंह तोमर ने कहा कि एक्ट के मुताबिक स्थगित बैठक में स्थगन पर चर्चा नहीं होती। इस पर भाजपा के पार्षद दो गुटों में बंट गए और कुछ पार्षद मौलिक निधि पर तो कुछ जनसमस्याओं पर चर्चा कराने की मांग करने लगे। (BJP and congress councillors created ruckus)
तभी पार्षद ब्रजेश श्रीवास ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान नहीं होने पर जनता कपड़े फाड़ रही है, इसलिए वह चुप नहीं बैठेंगे और वह अपना कुर्ता फाड़ते हुए आसंदी के सामने धरने पर बैठ गए। उनके साथ वार्ड 36 की पार्षद भावना कन्नोजिया, वार्ड 2 की पार्षद आशा चौहान और वार्ड 44 की यामिनी नवीन परांडे भी आ गईं।
इस पर सभापति ने परिषद के कार्यकाल में पहली बार निगम एक्ट की धारा 36 का उपयोग करते हुए ब्रजेश श्रीवास को सदन से बाहर कर दिया। इसके बाद उनके साथ बाकी तीन महिला पार्षद भी सदन से बाहर चली गईं और वहीं सभी गेट पर बैठकर सभी विरोध करने लगे। मौलिक निधि व वेस्ट टू वंडर पार्क पर चर्चा के बाद परिषद को 7 जुलाई दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
वहीं जब मौलिक निधि पर चर्चा हुई तो नेता प्रतिपक्ष हरिपाल ने कहा कि एमआइसी खुद ही एक करोड़ की मौलिक निधि का प्रस्ताव लाई थी। पार्षदों ने सिर्फ 15 लाख बढ़ाकर इसे 1.15 करोड़ किया था। इस पर निगमायुक्त संघ प्रिय ने कहा कि पिछले वर्षों से मौलिक निधि में हो रही वृद्धि के अनुपात में ये वृद्धि अधिक है। ऐसे में पुनर्विचार का प्रस्ताव भेजा गया है। निगम निधि भी आपकी ही निधि है। जरुरत पड़ने पर प्राथमिकता के आधार पर उससे काम कराए जा सकते हैं।
इसी बीच सत्ता पक्ष से अवधेश कौरव ने कहा कि महापौर व अध्यक्ष निधि भी इसी ठहराव का हिस्सा है। ऐसे में उनमें भी क्रमश: 50 लाख और 20 लाख रुपए की वृद्धि कर दी जाए। हालांकि बाद में विपक्ष (भाजपा) के पार्षदों से सहमति बनाकर पार्षद निधि 90 लाख रुपए प्लस जीएसटी करने की बात कही, जिसे सभापति ने स्वीकृत कर दिया। मदाखलत द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर वार्ड 58 की पार्षद अपर्णा पाटिल ने मदाखलत के लिए चूडि़यां भेंट कीं।
वेस्ट टू वंडर पार्क के सुचारू संचालन एवं संधारण के लिए टिकट दरों का निर्धारण करते हुए व्यस्क 30 रुपए, स्कूली विद्यार्थी 15 रुपए, विदेशी पर्यटक 150 रुपए, कैमरा 50 रुपए, ड्रोन शूट के लिए 100 रुपए और 10 वर्ष तक के बच्चे, दिव्यांगों के लिए निशुल्क करने की स्वीकृति प्रदान की।
चार करोड़ की लागत से बनाए गए वेस्ट टू वंडर पार्क के सिविल वर्क की जांच के लिए सभापति द्वारा चार सदस्यीय समिति गठित की गई। जिसमें संयोजक नेता प्रतिपक्ष हरिपाल व समिति सदस्य पार्षद िगर्राज कंषाना, एमआइसी सदस्य अवधेश कौरव, नोडल पीआईयू पवन सिंघल को बनाया है। समिति एक माह में जांच कर परिषद में रिपोर्ट देगी।
सभापति ने निगमायुक्त से कहा कि वार्डों में सीवर सफाई नहीं हो रही, चैंबरों में प्लास्टर नहीं है, मलबा चैंबरों में जान रहा है, लेकिन सिर्फ ढक्कन बदले जा रहे हैं। इन्हें देखें और नियमानुसार ठेका समाप्त किया जा सकता है, तो इस पर विचार करें। साथ ही पीएचई के उपयंत्री व सहायक यंत्री अपने अपने क्षेत्र में मॉनिटरिंग करें और जहां सीवर समस्या है, उसका तत्काल निराकरण करें। इसके लिए निगमायुक्त एक विशेष अधिकारियों की टीम बनाकर मॉनिटरिंग कराएं।
वार्ड 8 के कांग्रेस पार्षद मनोज राजपूत ने चेतकपुरी में धंसकी सड़क को लेकर इशारों में केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वो तो कहते हैं कि ग्वालियर हमारा परिवार है, वो अब कहां हैं। इस पर वार्ड 41 के पार्षद मोहित जाट आक्रामक हो गए और हंगामे के बीच दोनों में हाथापाई की नौबत आ गई। बात ज्यादा न बढ़े इसलिए सभापति आसंदी से नीचे आए और मोहित को समझाने लगे, लेकिन वह फिर भी नहीं माने।
बाद में नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य पार्षदों ने किसी तरह से उन्हें समझाइश देकर शांत किया। इस मामले में सभापति तोमर ने कहा कि दादागिरी चला रहे हो, जब कोई बात कर रहा है तो उसे सुनना चाहिए। वहीं महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कहा कि यह बड़े शर्म की बात है, आप लोग दंगे वाली बात करते हो। मैं मोहित से कहना चाहती हूं कि वह थोड़ा धैर्य रखना सीखें, ये व्यवहार बहुत गलत है।