MP Weather Update: मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है।
MP Weather Update: एमपी के ग्वालियर शहर में सुबह सीजन का सबसे घना कोहरा छाने से दृश्यता शून्य से 10 मीटर के बीच सिमट गई। आलम यह था कि 10 मीटर के बाद सड़क पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था, जिससे वाहन चालकों को सुबह 7 बजे तक दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। सुबह 10 बजे तक सूरज कोहरे की गिरफ्त में रहा और जब बाहर निकला भी, तो महज ढाई घंटे की कमजोर धूप के बाद ठंड से हारकर जल्दी विदा हो गया। मौसम विभाग ने आगे भी मध्यम से घने कोहरे का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वायुमंडल में करीब 12 किलोमीटर ऊपर 240 किलोमीटर प्रतिघंटा की तूफानी रफ्तार से 'जेट स्ट्रीम' हवाएं चल रही हैं। इसी के असर से ग्वालियर सहित मुरैना, भिंड और दतिया में घना कोहरा छा रहा है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तरी हवाओं की रफ्तार कुछ कम हुई है, जिससे न्यूनतम तापमान फिलहाल 5 से 7 डिग्री के बीच बना हुआ है। बीते दिन अधिकतम तापमान 18.9 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से कम है।
राजधानी भोपाल में भी जनवरी की सर्दी ने बीते 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तेज ठंड और कम विजिबिलिटी के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, जबकि कुछ जगहों पर स्कूल देर से खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इससे पहले शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में भी शीतलहर का असर देखा जा चुका है। भोपाल और राजगढ़ में तो तीव्र शीतलहर दर्ज की गई। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर और नरसिंहपुर में दिनभर ठंडा दिन (कोल्ड डे) जैसी स्थिति बनी रही, जिससे धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन कम नहीं हुई।
कोहरे के कारण बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर संत ऋषभदेवानंद महाराज ने संभागीय आयुक्त मनोज खत्री को ज्ञापन सौंपकर बताया कि अलसुबह सड़कों पर गोवंश बड़ी संख्या में हादसों का शिकार हो रहे हैं। संतों ने मांग की है कि केदारपुर, रायरू, जोरासी और घाटीगांव क्षेत्र की गोशालाओं में घायल गोवंश के लिए तत्काल चिकित्सकीय सुविधाएं और औषधियां उपलब्ध कराई जाएं। ग्वालियर-आगरा और ग्वालियर-झांसी हाईवे के आसपास बढ़ रही दुर्घटनाओं के बीच 'आदर्श गोशाला' एक मात्र डिस्पेंसरी के रूप में कार्य कर रही है।