ग्वालियर

सस्ती दरों में मिलेगा ‘किराए का घर’, नगर निगम देगा ‘फ्लैट’

PM Awas Yojana: दूसरे चरण के प्रोजेक्ट में बनने वाले फ्लैट नगर निगम किराए पर भी दे सकेगा। इससे शहरवासियों को किफायती दाम पर रहने की जगह मिलेगी।
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Updated: 4 Sep 2025, 1:54 PM IST
फोटो सोर्स: पत्रिका
फोटो सोर्स: पत्रिका

PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना का पहला चरण दो साल पहले पूरा हो जाना था, लेकिन अब भी काम चल रहा है। ऐसी ही लेटलतीफी दूसरे चरण के प्रोजेक्ट में हो रही है। करीब एक साल पहले नगर निगम के अफसरों ने इसकी योजना बनाई थी, लेकिन काम शुरू ही नहीं हो सका। दूसरे चरण के प्रोजेक्ट में रहवासी और व्यावसायिक यूनिट बनाई जानी है। इनके लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति हो चुकी है। अफसरों का दावा है कि 40 हेक्टेयर जमीन चिन्हित कर ली गई है, लेकिन हकीकत यह है कि उन्हें जमीन ही आवंटित नहीं हुई है। भूमि आवंटन और राज्य शासन की गाइड लाइन का इंतजार किया जा रहा है।

पीएम आवास योजना के पहले चरण में एक दर्जन प्रोजेक्ट में 30 हजार से अधिक यूनिट तैयार की थी। दूसरे चरण का प्रोजेक्ट 2024 में सितंबर-अक्टूबर में तैयार किया। दावा था कि योजना 2.0 के लिए दिसंबर में पोर्टल लॉन्च कर डीपीआर तैयार कर लेंगे। करीब एक साल बाद भी काम ही शुरू नहीं हो सका है।

किराए पर फ्लैट देगा निगम

दूसरे चरण के प्रोजेक्ट में बनने वाले फ्लैट नगर निगम किराए पर भी दे सकेगा। इससे शहरवासियों को किफायती दाम पर रहने की जगह मिलेगी। निगम ने इस पर काम भी शुरू किया था, ताकि निगम की आय में वृद्धि हो। साथ ही यहां व्यावसायिक प्रॉपर्टी भी तैयार करनी थी। निगम ने अपने लैंड बैंक के साथ जिला प्रशासन से भी जमीन की मांग की है। दावा है कि दूसरे चरण के लिए 40 हेक्टेयर जमीन निगम ने चिन्हित कर ली है।

जिला प्रशासन की ओर से कुछ अन्य जमीन भी आवंटित करने का भरोसा मिला है। दूसरे चरण के साथ इंदौर को स्लम फ्री बनाने का लक्ष्य है। इसके अंतर्गत 5 वर्षों में 50 हजार से अधिक यूनिट बनाने का लक्ष्य है। इसमें ऐसे इलाके ही चिन्हित किए जाएंगे, जहां आवासीय परिसर बनाकर रहवासियों को शिफ्ट किया जाए।

पीएम आवास योजना के पहले चरण की समयावधि समाप्त हो गई है। अब दूसरे चरण का काम होगा। इसके लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति हो चुकी है। डीपीआर के लिए प्रोसेस करना है। राज्य सरकार से गाइड लाइन जारी होने का इंतजार है। प्रोजेक्ट के लिए लगभग 40 हेक्टेयर जमीन चिन्हित हो चुकी है। इसके अलावा होप टेक्सटाइल मिल और खजराना क्षेत्र में भी कुछ जमीन मिलने का आश्वासन मिला है। -नरेंद्रनाथ पांडे, अपर आयुक्त

पहले चरण के अन्य प्रोजेक्ट

अरावली परिसर (भूरी टेकरी), सतपुड़ा परिसर, शिवालिक परिसर, कावेरी परिसर, पलाश परिसर पार्ट 1-2-3, गुलमर्ग परिसर, तापती परिसर, अरावली परिसर पार्ट 2, क्षिप्रा परिसर, नर्मदा परिसर, नीलगिरी परिसर, लाइट हाउस प्रोजेक्ट।

सतपुड़ा परिसर में 2 बीएचके फ्लैट

792 कुल
637 बुक
144 को पजेशन
1 बीएचके फ्लैट
1280 कुल
1091 बुक
178 को पजेशन

Updated on:
4 Sep 2025, 1:54 PM IST
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