ग्वालियर

9 दिनों तक पेड़ पर रखी जाएंगी राजमाता की अस्थियां, जानिए क्यों भरे गए 3 कलश

Madhavi Raje Scindia: मां माधवी राजे सिंधिया के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया दूसरे दिन की रस्में पूरी करने छत्री परिसर पहुंचे और मां की अस्थियां संचित कीं।

2 min read

Gwalior news: मां माधवी राजे सिंधिया का अंतिम संस्कार (Madhavi Raje Scindia Funeral) करने के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन एक बार फिर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya Scindia) छत्री परिसर पहुंचे। छत्री परिसर पहुंचकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मां की अस्थियों का संचय किया और उन्हें तीन अलग अलग कलश में भरकर रखा गया है। जानकारी के अनुसार राजमाता माधवी राजे सिंधिया की आस्थियां प्रयागराज, उज्जैन और पड़ोसी देश नेपाल भेजी जाएंगी।

9 दिन तक पेड़ पर रखे जाएंगे अस्थियों के कलश


बताया गया है कि माधवी राजे सिंधिया की अस्थियां तीन कलशों में रखी गई हैं। राजसी परंपरा के अनुसार इन 3 कलशों को माधव बाग में अगले 9 दिनों तक एक पेड़ पर बांध कर रखा जाएगा और फिर 10वें दिन एक कलश उज्जैन, एक प्रयागराज और एक नेपाल भेजा जाएगा । जहां राजसी परंपरा के अनुसार इनका विसर्जन किया जाएगा। अस्थि संचय के दौरान भी राजपुरोहित ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मौजूद थे जिन्होंने पूजन कराया और उसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मां की अस्थियों का संचय किया था।
यह भी पढ़ें- सिंधिया घराने की शाही शादी, दुल्हन की झलक छिपाने पूरे शहर में लगा दिए थे पर्दे



बुधवार को हुआ था राजमाता का निधन


बता दें कि राजमाता माधवी राजे सिंधिया का बुधवार सुबह दिल्ली AIIMS में इलाज के दौरान निधन हो गया था। गुरुवार को राजमाता की पार्थिव देह ग्वालियर लाई गई थी जहां रानी महल में अंतिम दर्शन के बाद सिंधिया परिवार की छत्री पर माधवराव सिंधिया की समाधि के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मां को मुखाग्नि दी थी। राजमाता को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग छत्री परिसर पहुंचे थे।
यह भी पढ़ें- 4 हजार करोड़ के महल में रहतीं थीं राजमाता, जानिए कितनी दौलत छोड़ गई माधवी राजे सिंधिया

Published on:
17 May 2024 09:43 pm
Also Read
View All

अगली खबर