ग्वालियर

Rani Laxmibai: क्या आप जानते हैं अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का असली नाम

Rani Laxmibai: महाराजा गंगाधर राव नेवलेकर ने ऐलान किया था कि 'आज से आप कहलाएंगी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई।' लेकिन क्या आप जानते हैं झांसी की रानी का असली नाम और उससे जुडे रोचक फैक्ट
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jhansi ki rani

Rani Laxmibai: ब्रिटिश हुकूमत की ईंट से ईंट बजा देने वाली रानी लक्ष्मीबाई को ये नाम उनके ससुराल में मिला। भरी सभा में जनता के बीच खुद उनके पति महाराजा गंगाधर राव नेवलेकर ने ऐलान किया था कि 'आज से आप कहलाएंगी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई।' लेकिन क्या आप जानते हैं झांसी की रानी का असली नाम और उससे जुडे रोचक फैक्ट

ये है रानी का असली नाम

19 नवंबर 1828 को मराठी परिवार में एक सुंदर कन्या ने जन्म लिया। माता-पिता ने इस सुंदर कन्या को नाम दिया था 'मणिकर्णिका'। लेकिन घर में उन्हें प्यार से मनु कहकर बुलाया जाता था। 4 साल की उम्र में अपनी मां को खोने वाली मनु का नाम वाराणसी के तट मणिकर्णिका के नाम पर मणिकर्णिका रखा गया था।

1842 में हुई थी रानी की शादी

1842 में मनु की शादी झांसी के महाराजा गंगाधर राव नेवलेकर से कर दी गई। शादी के बाद मणिकर्णिका का नाम लक्ष्मीबाई पड़ा। रानी को एक पुत्र हुआ लेकिन 4 महीने में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद महाराजा गंगाधर राव नेवलेकर ने चचेरे भाई के बेटे आनंद राव को गोद ले लिया। जिसका नाम दामोदर राव रखा गया। दामोदर राव को गोद लेने की प्रक्रिया महाराजा की मृत्यु से एक दिन पहले ही हुई थी।

18 जून को वीरगति को प्राप्त हुई रानी लक्ष्मीबाई

1858 में तांत्या टोपे के साथ ग्वालियर कूच करने वाली रानी लक्ष्मी बाई को देश के गद्दारों और अंग्रेजों ने रास्ते में ही घेर लिया। वीर और साहस की मूर्ति रानी ने यहां भी युद्घ किया और घायल हो गईं। 17 जून 1858 का युद्ध रानी लक्ष्मीबाई के साहस भरे जीवन का आखिरी दिन था। 18 जून 1858 को 30 साल की छोटी सी उम्र में आजादी की पहली भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना वीरगति को प्राप्त हो गईं।

Updated on:
18 Jun 2024 11:08 am
Published on:
18 Jun 2024 11:08 am