
Re NEET Exam: अंधेरा चाहे कितना भी घना हो, सुबह की पहली किरण को रोक नहीं सकता। एनटीए द्वारा नीट यूजी परीक्षा रद्द किए जाने के बाद ग्वालियर के कोचिंग गलियारों में छाई मायूसी अब संकल्प में बदल चुकी है। आगामी 21 जून (रविवार) को होने जा रही 'री-नीट' परीक्षा को लेकर छात्रों ने कमर कस ली है। बरसों की तपस्या, रातों की नींद और मानसिक तनाव के बाद पेपर लीक की खबर ने युवाओं के सीने में नाराजगी जरूर भरी है, लेकिन अब वक्त मायूस होने का नहीं, बल्कि इस दूसरे मौके को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने का है। शहर के कोचिंग सेंटर्स पर इस समय बस एक ही सुगबुगाहट है- 'क्या इस बार पेपर कठिन होगा?' छात्रों के मन में आशंकाएं और चुनौतियां भारी हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो योद्धा पहले दौर की तपिश झेल चुका है, उसे दोबारा रणभूमि में उतरने से डरना नहीं चाहिए।
स्वीकारें और आगे बढ़ें: जो बीत गया वो आपके वश में नहीं था, लेकिन 21 जून का भविष्य पूरी तरह आपके हाथों में है। बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेय।
पेपर का पोस्टमार्टम करें : हाल ही में दिए गए पेपर को उठाएं। कहां अटके थे? किस टॉपिक ने समय खाया? अपनी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें अपनी ताकत बनाएं।
बैक टू बेसिक्स : एनसीईआरटी की हर लाइन, केमिस्ट्री के रिएक्शंस और फिजिक्स के सॉल्व्ड एग्जांपल्स पर एक आखिरी बार पैनी नजर दौड़ाएं।
रिवीजन की 'स्मार्ट' एप्रोच: अब पूरी मोटी किताबें पढऩे का वक्त नहीं है। पहले एमसीक्यू सॉल्व करें, और जहां फंसें, सिर्फ उसी टॉपिक की थ्योरी को दोबारा खंगालें।
एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट : घड़ी टिक-टिक कर रही है! रोजाना सुबह 30 मिनट फिजिक्स के फॉर्मूले और केमिस्ट्री के चाट्र्स को दें। टाइमर लगाकर ओएमआर शीट भरने की प्रैक्टिस करें ताकि वहां एक सेकंड भी जाया न हो।
बर्नआउट से बचें (18 घंटे वाली गलती न करें) : जोश में आकर 18-18 घंटे जागने की भूल न करें। 8 से 10 घंटे का एक संतुलित और सस्टेनेबल रूटीन बनाएं, जिसे परीक्षा के दिन तक बरकरार रखा जा सके।
सोशल मीडिया से नो-कॉन्टैक्ट : परीक्षा रद्द क्यों हुई, किसने क्या कहा… इस डिजिटल कचरे और अफवाहों से दूर रहें। केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
मेंटर्स के टच में रहें : मन में कोई भी संशय या अवसाद हो, तो उसे अंदर न घुटने दें। अपने टीचर्स और मेंटर्स से बात करें। इस आखिरी घड़ी में उनका मार्गदर्शन आपके लिए संजीवनी का काम करेगा।
नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा-2026 मध्यप्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंदों पर होगी। यह परीक्षा ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, भिंड, बालाघाट, अशोकनगर, छतरपुर, रतलाम, बड़वानी, खरगौन, धार, खंडवा, नर्मदापुर्, दमोह, दतिया, देवास, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, राजगढ़, सिंगरौली, विदिशा और सतना जिले में होगी। अच्छी बात यह है कि इस बार के एग्जाम में परीक्षार्थियों को 15 मिनट अतिरिक्त दिए जा रहे हैं।
परीक्षा की तिथि : रविवार, 21 जून 2026
परीक्षा का समय : दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक
परीक्षा की समयावधि : 3 घंटे 15 मिनट (कुल 195 मिनट)
परीक्षा का माध्यम : पेन एवं पेपर आधारित (ऑफलाइन) परीक्षा