ग्वालियर

IPL सीजन में सट्टा बाजार गर्म, रोज 10 करोड़ तक का खेल, ऑनलाइन सट्टे की बड़ी मंडी का चौंकाने वाला सच

Online Satta: पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सट्टा सिंडीकेट की जड़ें शहर से लेकर देहात तक जमी हैं। रोज करीब 5 करोड़ रुपए का सट्टा लग रहा है, जो आइपीएल जैसे पीक सीजन में 10 करोड़ रुपए प्रतिदिन तक पहुंच जाता है।

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Online Satta ग्वालियर में रोज लगते 5 करोड़ के दांव

Online Satta: सरकार द्वारा 4800 सट्टा और ऑनलाइन कैसीनो साइटों और ऐप्स को बंद करने के बावजूद, ग्वालियर में ऑनलाइन सट्टे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। डिजिटल दांव का यह धंधा अब उद्योग का रूप ले चुका है। लोकल लिंक ब्लॉक होने पर सटोरिए सरहद पार (दुबई और हांगकांग) के नेटवर्क से इसका संचालन कर रहे हैं, जिससे ग्वालियर भी ऑनलाइन सट्टे की एक बड़ी मंडी बनता जा रहा है। शहर में रोज करीब 5 करोड़ रुपए का सट्टा लग रहा है, जो आइपीएल जैसे पीक सीजन में 10 करोड़ रुपए प्रतिदिन तक पहुंच जाता है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सट्टा सिंडीकेट की जड़ें शहर से लेकर देहात तक जमी हैं। आइपीएल की आड़ में सटोरिए लोटस 360, टाइगरएक्सच-247, 99एक्सच.कॉम, लेजर247.कॉम, महादेव ऐप और श्रीराम बीके जैसे ऐप्स के जरिए सट्टे का कारोबार चला रहे हैं। हाल ही में पिंटो पार्क और मुरार की बंशीपुरा से पकड़े गए बुकी ने खुलासा किया है कि शहर में उनकी तरह सट्टा खिलाने वालों का एक बड़ा जाल फैला हुआ है। पहले जहां गोवा, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई से लिंक मिलती थी, वहीं अब यह धंधा सरहद पार से ऑपरेट हो रहा है। लोकल सरगना कमीशन पर लिंक खरीदकर बुकी को थमा रहे हैं।

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डिजिटल पैसा और हवाला का खेल

दांव लगाने वालों से पैसा ई-वॉलेट और म्यूल खातों में वसूला जाता है, जिसे हवाला और क्रिप्टो करेंसी के जरिए ठिकाने तक भेजा जाता है। आइपीएल के दौरान ग्वालियर के सट्टा बाजार में रोज 5 से 8 करोड़ के दांव लगना मामूली बात है।

ऑनलाइन सट्टे के अड्डे (ठिकाने)

पारसेन, हुरावली, मुरार, सदर बाजार मुरार, त्यागी नगर मुरार, सिंहपुर रोड मुरार, घोसीपुरा मुरार, गुलमोहर सिटी, गिरवाई, जनकगंज, कंपू, डबरा, हरिशंकरपुरम, इंदरगंज, माधौगंज, गोसपुरा नंबर 1 हजीरा, सेवानगर, गांधीनगर पड़ाव, सराफा बाजार लश्कर।

युवा टारगेट पर, फंसने वाले ले रहे कर्ज, हो रहे कंगाल

केस 1: सिकंदर कंपू निवासी रवि चौहान ने ऑनलाइन सट्टे में 20 लाख रुपए का कर्ज होने पर हताश होकर फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में उसने दो लोगों को मौत का जिम्मेदार बताया।
केस 2: हुरावली निवासी मनीष पुत्र सोबरन सिंह ने भी सट्टे में पैसा गंवाने से तंग आकर आत्महत्या कर ली। सट्टा खिलाने वाले ने उसे सूदखोरों से मोटा ब्याज पर पैसा दिलाया और फिर उसे भी सट्टे में लगवा दिया।

धंधे पर पुलिस की पकड़ (कुछ हालिया मामले)

फरवरी 2026: गोला का मंदिर पर किराए के मकान से ऑनलाइन सट्टा पकड़ा, 3 आरोपी व 4.96 लाख नकद मिले।
मार्च 2026: मुरार में ऑनलाइन गेमिंग ऐप से सट्टा लगवाता आरोपी पकड़ा, 45 हजार, मोबाइल, लैपटॉप मिले।
अगस्त 2024: तानसेन नगर में सट्टे का अड्डा पकड़ा, जम्मू व तेलगांना के 5 आरोपी पकड़े, ऐप से सट्टा लगवा रहे थे।

एक्सपर्ट

ऑनलाइन सट्टे और सूदखोरों की जुगलबंदी युवाओं को बर्बाद कर रही है। ये सिंडीकेट बड़ी चालाकी से काम करते हैं और स्थानीय एजेंटों के माध्यम से अपना नेटवर्क फैलाते हैं। पुलिस को ऐसे सिंडीकेट को तोड़ने के लिए और सक्रिय होने की जरूरत है।- राकेश सिन्हा, रिटायर्ड डीएसपी

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Updated on:
08 May 2026 12:28 pm
Published on:
08 May 2026 12:06 pm
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