Historysheeter Tehsildar: तहसीलदार पर 10 साल में 16 केस दर्ज, अब तहसीलदार पर लगा यौन शोषण का गंभीर गंभीर आरोप। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी
Historysheeter Tehsildar: यौन शोषण के आरोप में घिरे तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड किसी हिस्ट्रीशीटर से कम नहीं रहा है। 10 साल में 16 एफआइआर दर्ज हुई हैं। मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, चोरी, आर्म्स एक्ट, लूट व डकैती अधिनियम के तहत संगीन आरोप लगे।
हालांकि इन प्रकरणों में तहसीलदार दोषमुक्त हो गए, लेकिन नया आरोप यौन शोषण का लगा है, जिसमें महिला ने शादी का झांसा देकर बलात्कार का आरोप लगाया है।
दरअसल एक महिला ने तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए गए। तहसीलदार पहले से ही शादीशुदा था। इस बात को तहसीलदार ने छुपा लिया। महिला ने मामले की शिकायत कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की है। कलेक्टर ने तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान को भितरवार से हटाकर भू अभिलेख कार्यालय में पदस्थ कर दिया है।
इस आरोप से पहले शत्रुघ्न सिंह चौहान पर सिटी सेंटर तहसील में भी आरोप लगे थे। यहां एक महिला कर्मचारी ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इस आरोप के बाद चौहान को सिटी सेंटर तहसील से हटाया गया था। इसके बाद भितरवार तहसील में भेज दिया था। इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता महिला सामने नहीं आई थी।
पीड़िता के पति का निधन हो गया। इसके बाद 2008 में वह तहसीलदार के संपर्क में आई। तहसीलदार की उसके जेठ के साथ गहरी दोस्ती थी। साथ में बिजनेस भी करते थे। तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान ने जेठ से कहा कि तुम्हारी विधवा बहू से विवाह करना चाहता हूं। उसे जीवनभर साथ रखूंगा।
जेठ ने उसे दबाव बनाकर तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान के साथ रहने के लिए मजबूर कर दिया। 2008 में चौहान नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ हुए थे। उसके बाद कहने लगे कि मेरी नौकरी लगी है। जल्द ही विवाह करूंगा। चौहान ने पीड़िता की मांग में सिंदूर भरा। पत्नी मान लिया।
17 दिसंबर 2024 को महिला ने थाने में आवेदन दिया था। चौहान के खिलाफ एफआइआर कराना चाहती थी, लेकिन चौहान ने डरा धमकाकर शपथ पत्र कराया और केस दर्ज नहीं हो सका। चौहान ने पूर्व में भी शादी का झांसा देकर अन्य महिलाओं के साथ संबंध बनाए हैं। महिला थाने में पीड़िता बयान भी दर्ज करा चुकी है।
प्र- आपके खिलाफ 16 प्रकरण दर्ज हैं। क्या यह सच है?
उ- सभी केस पुराने हैं। कोर्ट से केसों में फैसला हो चुका है। दोषमुक्त होने के बाद नौकरी में बहाल हुआ था। उसके बाद नायब तहसीलदार से तहसीलदार के पद पर पदोन्नति मिली थी।
प्र- आप पर लगे यौन शोषण को लेकर एक शपथ पत्र दिया था। क्या यह सही है?
उ- अपनी इज्जत बचाने के लिए शपथ पत्र दिया था। महिला पहले 10 लाख रुपए मांग रही थी, लेकिन बहकावे में आने के बाद 40 लाख रुपए मांगने लगी है। पुलिस को पूरी हकीकत बता दी है, लेकिन पुलिस मेरी नहीं सुन रही है। ब्लैक मेलिंग पैसे ऐंठना चाहती है।
प्र- आपके ऊपर क्यों लगा है आरोप?
उ- मेरे से 17 साल पुराना रिश्ता बताया जा रहा है और झूठा आरोप लगाया है। महिला एक अन्य व्यक्ति पर महाराजपुरा थाने में बलात्कार का केस दर्ज करा चुकी है। आरोपी गिरफ्तार भी हुआ। आरोपी की जमानत में महिला ने शपथ पत्र भी दिया है। आरोपी को अपना पति बताया था। महिला का आरोपी से एक बेटा भी है।
ये भी पढ़ें: मसाज पार्लर में देहव्यापार, हवलदार करता था वसूली