
Gwalior news: रसोई में जलती गैस की लौ जहां एक तरफ घर का चूल्हा जलाती है, वहीं जरा सी लापरवाही या सिलेंडर में लीकेज इसे बड़े हादसे में बदल सकती है। ग्वालियर-चंबल अंचल में रसोई गैस सिलेंडर लीकेज की शिकायतें लगातार सामने आ रही है। आंकड़ों की बात करें तो अकेले ग्वालियर जिले में तीनों प्रमुख तेल कंपनियों (आइओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल) के लगभग 5.73 लाख एलपीजी उपभोक्ता है, जिनकी सुरक्षा और रीफिलिंग का जिम्मा शहर की 40 गैस एजेंसियों पर है।
औसतन एक महीने में इन सभी गैस एजेंसियों पर 200 लीकेज की शिकायतें आ रही है। ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन के कॉर्डिनेटर श्यामानंद शुक्ला के अनुसार, नियमानुसार, लीकेज की शिकायत मिलने के डेढ़ घंटे (90 मिनट) के भीतर एजेंसी के मैकेनिक को उपभोक्ता के घर पहुंचकर खराबी सुधारना अनिवार्य है।
जानकारों के मुताबिक, ज्यादातर लीकेज डिलीवरी के समय ही पकडे जा सकते हैं। जब भी डिलीवरी बॉय नया सिलेंडर लेकर आए, तो उससे लीक टेस्ट करवाएं। डिलीवरी मैन सिलेंडर की सील खोलकर पानी डालकर वाल्व चेक करता है। यदि वाल्व के अंदर की 'ओ-रिंग' कटी या खराब होगी, तो बुलबुले बनने लगेंगे। ऐसे सिलेंडर को तुरंत वापस कर दें और डिलीवरी लेने से मना कर दें।
रसोई में अगर गैस की बदबू (इथाइल मकैप्टन) महसूस हो, तो घबराने के बजाय तुरंत ये कदम उठाएं…
रेगुलेटर बंद करें: सबसे पहले सिलेंडर का स्विच/रेगुलेटर तुरंत 'ऑफ' कर दें।
बिजली के स्विच को हाथ न लगाएं: घर का कोई भी इलेक्ट्रिक स्विच न तो ऑन करें और न ही ऑफ। स्पार्क से आग लग सकती है।
खिड़की-दरवाजे खोल दें: गैस को बाहर निकालने के लिए तुरंत घर के सारे खिड़की और दरवाजे पूरे खोल दें।
माचिस या अगरबत्ती न जलाएं : रसोई में किसी भी तरह की आग या सिगरेट/अगरबत्ती तुरंत बुझा दें।
आपातकालीन नंबर पर कॉल करें : सुरक्षित स्थान पर बाहर आकर 1906 या अपनी गैस एजेंसी के आपातकालीन नंबर पर तुरंत सूचना दें।
आइओसीएल की ओर से हर पांच साल में होने वाली सुरक्षा जांच प्रारंभ कर दी गई है। इसके एवज में ग्राहक से 236 रुपए वसूले जा रहे हैं। इसमें गैस एजेंसी से एक प्रतिनिधि ग्राहक के घर जाकर सुरक्षा जांच कर रहे हैं। सुरक्षा जांच नहीं करवाने वाले ग्राहकों का गैस कनेक्शन बंद भी किया जा सकता है।