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Gwalior news: यात्री खुद चेक कर सकेंगे ‘टीटीई’ असली है या नकली ! 720 कर्मचारियों को मिलेगा कार्ड

Indian Railways: झांसी रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ को बारकोड और यूनिक आईडी वाले डिजिटल स्मार्ट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। यात्री मोबाइल से स्कैन कर टीटीई की असली पहचान की पुष्टि कर सकेंगे।
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Indian Railways: रेलवे टिकट चेकिंग (Photo Source: AI Image)

Indian Railways: रेलवे टिकट चेकिंग (Photo Source: AI Image)

Gwalior news: ट्रेनों में टिकट चेकिंग के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा देने के लिए रेलवे ने नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की है। झांसी रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ को अब बारकोड और यूनिक आइडी वाले डिजिटल स्मार्ट कार्ड जारी किए जा रहे है। यात्री इन कार्ड को अपने मोबाइल से स्कैन कर यह पता कर सकेंगे कि टिकट चेक करने वाला व्यक्ति रेलवे का अधिकृत कर्मचारी है या नहीं। रेलवे की इस पहल से खासतौर पर उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जिन्हें ट्रेन में टिकट जांच के दौरान किसी व्यक्ति की पहचान पर संदेह होता है। बारकोड स्कैन करते ही यात्री रेलवे के डिजिटल डेटाबेस से संबंधित कर्मचारी की जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे।

ऐसे पता चलेगा टीटीई असली है या नकली

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक नए डिजिटल स्मार्ट पहचान पत्र पर टीटीई की फोटो, नाम, पदनाम और यूनिक बारकोड दर्ज होगा। यदि यात्री को टिकट चेक करने वाले कर्मचारी की पहचान को लेकर संदेह है तो वह अपने स्मार्टफोन से कार्ड पर मौजूद बारकोड स्कैन कर सकेगा। इसके बाद रेलवे के डेटाबेस में दर्ज कर्मचारी इससे की जानकारी सामने आ जाएगी। इससे मौके पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित व्यक्ति रेलवे का अधिकृत टिकट चेकिंग स्टाफ है या नहीं।

तो स्वतःही आइडी हो जाएगी लॉक

डिजिटल पहचान पत्र की सबसे अहम विशेषता इसका ऑटो-लॉक फीचर है। रेलवे के मुताबिक कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने, इस्तीफा देने या दूसरे मंडल में स्थानांतरण होने पर उसकी डिजिटल आइडी स्वतः लॉक हो जाएगी। इसके बाद पुराने पहचान पत्र का इस्तेमाल कर टिकट जांच या यात्रियों से वसूली करना संभव नहीं होगा। इस व्यवस्था से फर्जी पहचान पत्र बनाकर यात्रियों को ठगने की कोशिश पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

त्योहारों में फर्जी टीटीई पर लगेगी लगाम

दिवाली, छठ और होली जैसे त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। भीड़ का फायदा उठाकर कई बार फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती हैं। डिजिटल पहचान पत्र की व्यवस्था से यात्री ऐसे लोगों की पहचान मौके पर ही कर सकेंगे। रेलवे को उम्मीद है कि इससे टिकट चेकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों को फर्जी चेकिंग स्टाफ से बचाने में मदद मिलेगी।

झांसी मंडल के 720 कर्मचारियों को मिलेगा कार्ड

झांसी मंडल में वर्तमान में करीब 720 टिकट चेकिंग स्टाफ हैं। इन सभी को डिजिटल स्मार्ट पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं। रेलवे के अनुसार अगले सप्ताह तक सभी चेकिंग स्टाफ को कार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे। ट्रेन और प्लेटफार्म पर ड्यूटी के दौरान टीटीई के लिए यह कार्ड साथ रखना अनिवार्य होगा। एक बार जारी होने के बाद डिजिटल आइडी की वैधता पांच वर्ष की होगी।

रेलवे का क्या कहना…

झांसी मंडल द्वारा टीटीई के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत यात्री खुद ही चेक कर सकेंगे कि टिकट चेक करने वाला टीटीई असली है या नकली। इसके लिए बारकोड और यूनिक आइडी वाले डिजिटल कार्ड तैयार किए गए हैं।- अमन वर्मा, सीनियर डीसीएम, झांसी