गांव के रहने वाले मजदूर ऊदल अहिरवार और उनकी पत्नी शारदा देवी को प्रधानमंत्री के दस्तावेजों के कारण धोखा मिला
हमीरपुर. हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली के शीतलपुर गांव के रहने वाले मजदूर ऊदल अहिरवार और उनकी पत्नी शारदा देवी को प्रधानमंत्री के दस्तखत के कारण धोखा मिला। तकरीबन दो महीने पहले इन्हें साइबर अपराधियों ने मोटी रकम देने का लालच देकर 3 लाख से ज्यादा की रकम ऐंठ ली। दंपत्ति पैसे बैंक में जमा करते थे और डाक से इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दस्तखत वाले फर्जी चेक मिला करते थे। इसे प्रधानमंत्री के सही दस्तखत मान कर ये दंपत्ति खुश हो जाया करता लेकिन सच्चाई पता लगने पर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पैसे ने डुबाया करोड़ों के कर्ज में
प्रधानमंत्री के नाम पर फर्जी दस्तावेज भेज कर एक दंपत्ति को चूना लगाने के मामले से गांव में हड़कंप मच गया है। ज्यादा पैसा पाने के लालच में ऊदल और उनकी पत्नी शारदा ने गांव वालों और रिश्तेदारों से पैसे लिए। उन्हें लगा कि रिटर्न में उन्हें ज्यादा पैसे मिलेगें लेकिन अंत में वे बुरी तरह से कर्ज में डूब गए और पैसों के बदले सिर्फ फर्जी चेक ही उनके हाथ लगा। आलम अब ये है कि गरीब दंपत्ति करोड़ों के फर्जी चेक लिए भटक रहा है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम से लूटा
मजदूरों को ठगने के लिए सायबर अपराधी अब प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति के नाम का सहारा लेने से भी नहीं चूक रहे हैं।शारदा देवी के नाम से जो चेक भेजे गये हैं, उनमें न सिर्फ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दस्तखत हैं बल्कि डाक से जिस लिफाफे में यह चेक भेजी गई है, उसमें प्रेषक के रूप में राम नाथ कोविंद का नाम भी लिखा हुआ है। बुंदेलखंड में सायबर अपराधी अब गांव देहात के गरीब मजदूरों को मोटी रकम देने का लालच देकर ठगी कर रहे हैं। अहिरवार दम्पत्ति इसकी बानगी भर रहे हैं।