
Hamirpur bridge collapse: हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे पुल के ढहने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। घटना की जांच के लिए राज्य सेतु निगम के जॉइंट डायरेक्टर सहित 3 सदस्यीय टीम बनाई गई थी, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ है। जांच टीम ने पाया कि घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया है। इस मौके पर जांच टीम ने सीमेंट, सरिया और कंक्रीट के सैंपल नमूने लिए।
यह नमूने गैस कटर की मदद से इकट्ठे किए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। करीब 3 घंटे तक चली जांच में टीम को घोर अनियमितताएं मिलीं। ज्वाइंट एमडी ने बताया कि सैंपल को आईआईटी बीएचयू या फिर आईआईटी कानपुर में जांच कराया जाएगा। फिलहाल पुल के निर्माण का कार्य रोक दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने निजी फर्म, उसके मालिक, सुपरवाइजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी में बन रहा पुल 29 मई की रात को गिर गया था। बताया गया कि आंधी के कारण पुल गिर गया। इस घटना में कुल 6 लोगों की मौत हो गई थी। विपक्षी पार्टियों ने भी पुल के गिरने को भ्रष्टाचार से जोड़कर देखा और सरकार पर जमकर हमला बोला था।
निर्माणाधीन पुल के गिरने की जांच के लिए लखनऊ से राज्यसेतु निगम की तीन-सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। जिसमें ज्वाइंट एमडी मिथिलेश कुमार, मुख्य प्रबंधक राज्यसेतु निगम कानपुर जोन बीके सेन और नमामि गंगे के अध्यक्ष एडीएम सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को परखा।
इस संबंध में राज्य सेतु निगम के ज्वाइंट एमडी मिथिलेश कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में निर्माण सामग्री में कमी पाई गई है। पिलर में रेत के बड़े-बड़े रोड़े दिखाई पड़ रहे हैं। जांच टीम ने निर्माण सामग्री के सैंपल लिए। पिलर में प्रयोग किए गए सरिया के नमूने भी लिए गए। उन्होंने बताया कि कंक्रीट, सीमेंट, और सरिया के नमूने लिए गए हैं।
पुल के नमूने जांच के लिए आईआईटी बीएचयू या आईआईटी कानपुर में भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता क्या थी? जांच रिपोर्ट आने के बाद पुल का निर्माण दोबारा शुरू किया जाएगा। फिलहाल काम रुका हुआ है। घटना में 6 मजदूरों की मौत हो गई थी, कई को चोट भी आई थी। मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतक परिजनों को मुआवजा भी दिया गया।