
हमीरपुर. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद पिछले दो सालों से बन्द पड़ी मौरंग खदानों को फिर से नई खनन नीति के तहत प्रदेश भर में चालू कराया गया है। हमीरपुर जनपद के जलालपुर में बेतवा नदी के किनारे भगवान शंकर का हजारों साल पुराना ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। ये खदान हमीरपुर और जालौन सीमा पर बीच नदी से अनगिनत पोकलेड मशीनों द्वारा महीनों से अवैध खनन हो रहा है। जिससे मंदिर धीरे- धीरे टूटता जा रहा है। मगर जिला प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। भगवान शंकर का मंदिर गिरने की स्थित में आ गया है। ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन से इस संबंध में बात भी की है और खदान के पट्टा धारकों को भी इस मंदिर की दशा को देखते हुए उन्हें आगाह भी किया गया है। इन सब के के बावजूद न तो जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई की और न ही पट्टा धारक ने इस ऐतिहासिक मंदिर को लेकर खनन रोका है।
जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी
ग्राम प्रधान अरुण कुमार द्विवेदी उर्फ राजू महाराज जलालपुर ने बताया है कि अगर इसी तरह से पोकलैंड से खनन चालू रहता है तो बहुत जल्द इस ऐतिहासिक मंदिर का नाम सिर्फ इतिहास के पन्नो में ही दर्ज रह जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी और अरुण कुमार द्विवेदी राजू प्रधान ने बताया है कि अगर 3 दिनों के अंदर भारी मात्रा में लगी मशीनों को बंद नहीं किया गया तो ओवर लोड ट्रकों को रोकने का काम गांव के लोग अपने हाथ में ले लेंगे। इस ऐतिहासिक मंदिर की दशा को देखकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने जिला प्रशासन के लिखाफ भी गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।