हनुमानगढ़

Hanumangarh: डीएसटी के ऑपरेशन की सूचना लीक, एजीटीएफ में तैनात हैड कांस्टेबल निलंबित, IG ने लिया एक्शन

नशीली दवा तस्करी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की सूचना लीक होने के मामले में बीकानेर रेंज आईजी ने एजीटीएफ के एक हैड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है।

2 min read
Hanumangarh Crime News
एआई तस्वीर

हनुमानगढ़। नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस अभियान की सूचना लीक होने के मामले में एक पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की गई है। बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने एजीटीएफ में तैनात हैड कांस्टेबल राकेश कुमार मीणा को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय श्रीगंगानगर किया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर जांच भी करवाई गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

यह वीडियो भी देखें

पुलिस अधीक्षक नरेन्द्रसिंह मीणा ने बताया कि इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक ने निलंबन आदेश जारी किए थे। मामले की जानकारी सामने आने के बाद 22 मई को ही इसकी जांच के आदेश दे दिए गए थे। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि हैड कांस्टेबल राकेश कुमार मीणा पिछले करीब दो माह से पैर में चोट लगने के कारण अवकाश पर बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद उनका नाम सूचना लीक होने के मामले में सामने आने के बाद विभाग ने जांच शुरू की थी।

नशे के खिलाफ लिया था एक्शन

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़ में जंक्शन थाना पुलिस ने जिला विशेष टीम (डीएसटी) के सहयोग से 22 मई को विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली गैर एनडीपीएस श्रेणी की प्रतिबंधित दवा के 2800 प्रीगेबालिन कैप्सूल बरामद किए गए थे। मामले में अजय कुंअर (22) पुत्र इंद्रजीत अरोड़ा निवासी वार्ड संख्या छह, पीलीबंगा हाल आरएचबी कॉलोनी, जंक्शन को गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई के दौरान डीएसटी ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया था।

जेल से आया था फोन

जांच में सामने आया कि आरोपी के मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया था, जिसने उसे बताया कि डीएसटी सक्रिय है और उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, इसलिए सतर्क रहे। इस सूचना के बाद पुलिस को संदेह हुआ और आरोपी से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी अजय ने बताया कि फोन करने वाला व्यक्ति जिला कारागार में बंद एक बंदी था, जिसे वह पहले नशीली दवाओं की सप्लाई कर चुका था। इसके बाद डीएसटी की टीम जिला कारागार पहुंची, लेकिन संदिग्ध बंदी ने अपना मोबाइल फोन नष्ट कर दिया।

बंदी ने कांस्टेबल का लिया था नाम

बाद में की गई गहन पूछताछ में बंदी ने पुलिस को बताया कि उसे डीएसटी की गतिविधियों की जानकारी हैड कांस्टेबल राकेश मीणा ने दी थी। मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर हैड कांस्टेबल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीली दवा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
06 Jun 2026 08:56 pm