
Hanumangarh Crime: मकान को फ्रीज करने की कार्रवाई करती पुलिस (फोटो-पत्रिका)
हनुमानगढ़। जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अब नई दिशा देते हुए उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत टाउन थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर जसपाल उर्फ बिट्टू की करीब 28 लाख रुपए मूल्य की रिहायशी संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट के तहत फ्रीज कर दिया गया। पुलिस का दावा है कि यह मकान नशा तस्करी से अर्जित धन से बनाया गया था। इससे पहले भी जिले में कई नशा तस्करों के अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद विश्नोई और वृत्ताधिकारी मीनाक्षी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टाउन थाना पुलिस ने वार्ड-23, लोहिया कॉलोनी निवासी हिस्ट्रीशीटर जसपाल उर्फ बिट्टू की 1112.43 वर्गफीट में बनी रिहायशी संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत फ्रीज किया। पुलिस के अनुसार इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 28 लाख रुपए है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जसपाल उर्फ बिट्टू हनुमानगढ़ जिले का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट सहित गंभीर अपराधों के कुल 32 मामले दर्ज हैं। लंबे समय से वह पुलिस की निगरानी में रहा है और कई मामलों में उसके खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार 3 अप्रेल 2025 को जसपाल के कब्जे से 10.12 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और नशा बिक्री से जुड़े 2.55 लाख रुपए बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि वह पंजाब निवासी सुखजिंदर सिंह उर्फ सुखा के साथ मिलकर नशा तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। सह-आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार किया गया था। वित्तीय जांच के दौरान पुलिस को उसकी आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला, जबकि पिछले करीब नौ वर्षों से उसके नशा कारोबार से जुड़े होने के प्रमाण मिले।
हनुमानगढ़ पुलिस ने पिछले एक महीने में नशा तस्करों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। 7 जुलाई को नोहर में तीन हिस्ट्रीशीटर समेत चार आरोपियों के अवैध निर्माण हटाए गए थे। इससे पहले भादरा में नशा तस्कर भाल सिंह तथा रावतसर में चिट्टा तस्करी के आरोपी विनोद कुमार नायक के अवैध अतिक्रमण पर भी बुलडोजर चलाया गया। अब तक छह तस्करों और हिस्ट्रीशीटरों के अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं।
एसपी बी. आदित्य ने कहा कि ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज और जब्त करने की कार्रवाई भी लगातार जारी रहेगी। उनका कहना है कि तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को खत्म किए बिना नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक संभव नहीं है।
Updated on:
24 Jul 2026, 10:26 PM IST
Published on:
24 Jul 2026, 10:26 PM IST
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