
Vinod Gothwal: (फोटो सोर्स- @vinodgothwalINC)
हनुमानगढ़। जिले की पीलीबंगा विधानसभा से कांग्रेस विधायक विनोद गोठवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नगर पालिका अध्यक्ष बनाने के नाम पर 60 लाख रुपए अमानत के तौर पर लेने और वापस नहीं लौटाने के आरोप में उनके और उनके निजी सचिव मोहित बिश्रोई के खिलाफ पीलीबंगा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में दोनों पर अभद्र व्यवहार करने और धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर नियमानुसार जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार यह मामला पीलीबंगा नगर पालिका की पूर्व कांग्रेस पार्षद एवं पालिका अध्यक्ष पद की पूर्व प्रत्याशी शारदा पूनिया की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जून 2025 में उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष बनवाने का भरोसा दिलाया गया था। इसी सिलसिले में 60 लाख रुपए अमानत के तौर पर लिए गए, लेकिन बाद में न तो वादा पूरा हुआ और न ही रकम वापस लौटाई गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 20 जुलाई को कांग्रेस की कुम्हार धर्मशाला में आयोजित एक बैठक के बाद उन्होंने विधायक से अपने रुपए वापस मांगे। इस दौरान विधायक ने कथित रूप से रकम लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि बातचीत के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धमकी दी गई। शिकायत में विधायक के निजी सचिव मोहित बिश्रोई पर भी अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है।
पूर्व पार्षद की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 79, 316(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चूंकि मामला एक वर्तमान विधायक से जुड़ा है, इसलिए नियमानुसार इसकी जांच सीआईडी (सीबी) को सौंपी जाएगी।
गौरतलब है कि शारदा पूनिया ने कुछ दिन पहले ही जिला पुलिस अधीक्षक को भी लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद यह मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, कांग्रेस विधायक विनोद गोठवाल ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने प्रेस वार्ता कर कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उन्हें राजनीतिक द्वेष के तहत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 16 जून 2025 को पीलीबंगा नगर पालिका अध्यक्ष पद के उपचुनाव में शारदा पूनिया कांग्रेस की उम्मीदवार थीं, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी रणवीर डेलू के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अब उसी चुनाव से जुड़े कथित लेन-देन को लेकर दर्ज एफआईआर ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
Updated on:
24 Jul 2026 09:29 pm
Published on:
24 Jul 2026 09:29 pm
