
हनुमानगढ़। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब पहुंचाई गई हेरोइन की खेप को राजस्थान में खपाने वाले नेटवर्क की एक अहम कड़ी हनुमानगढ़ में पकड़ी गई है। जंक्शन थाना पुलिस ने शुक्रवार रात नाकाबंदी के दौरान कार सवार एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 1 किलो 546 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), चीन निर्मित 0.30 बोर की विदेशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और 80 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार जब्त हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब दो साल से हेरोइन की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय था और हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर से लेकर जयपुर तक नशे की खेप पहुंचाने का काम करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब पहुंचने के बाद हेरोइन किन लोगों के माध्यम से राजस्थान तक पहुंचाई जा रही थी और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जंक्शन थाना प्रभारी रामचन्द्र कस्वां के नेतृत्व में पुलिस टीम शुक्रवार रात गश्त पर थी। इसी दौरान पंजाब की तरफ से हेरोइन की खेप लेकर हनुमानगढ़ आने की सूचना मिली।
सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी कर कार नंबर HR 26 FL 4749 को रुकवाया। तलाशी लेने पर कार सवार रांझू खां उर्फ रांझा (30) पुत्र कादर खान, निवासी गांव उदयपुर गोदारान, राजियासर, जिला श्रीगंगानगर के कब्जे से हेरोइन, पिस्टल, कारतूस और नकदी बरामद हुई। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की आगे की जांच पीलीबंगा थाना प्रभारी रायसिंह को सौंपी गई है।
एसपी आदित्य के अनुसार आरोपी करीब ढाई साल पहले रायसिंहनगर जेल में बंद था। वहीं उसकी मुलाकात अविनाश नाम के व्यक्ति से हुई थी। पुलिस के मुताबिक इसके बाद वह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली हेरोइन की सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़ गया।
पूछताछ में तरनतारन से हेरोइन की खेप लेकर राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में पहुंचाने की जानकारी सामने आई है। आरोपी के खिलाफ श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के दो मामलों सहित कुल सात प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस ने मामले में रांझू खां के अलावा अविनाश, जहीर खान, राजन वाल्मीकि और अमीर खान को नामजद किया है। वहीं दो अन्य संदिग्धों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस इन सभी की भूमिका और हेरोइन की सप्लाई में उनकी कड़ियों की जांच कर रही है।
पुलिस अब जांच को स्थानीय स्तर से आगे बढ़ाते हुए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब तक पहुंचने वाली खेप से लेकर तरनतारन, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और जयपुर तक की सप्लाई चेन को खंगाल रही है। साथ ही बरामद चीन निर्मित पिस्टल के स्रोत की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा और क्या हथियार व नशे की सप्लाई के बीच कोई संबंध है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।