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Rajasthan: निर्दलीय MLA गणेशराज बंसल को मिली जमानत, नगर परिषद चुनाव के बीच हुए थे गिरफ्तार

हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को जिला एवं सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई। सीआईडीसीबी ने सात दिन की अतिरिक्त रिमांड मांगी थी, लेकिन सीजेएम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। सीजेएम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद विधायक ने जिला एवं सेशन कोर्ट का रुख किया था।
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MLA Ganeshraj Bansal (Patrika Photo)

हनुमानगढ़। फर्जी तरीके से दो पट्टे जारी करने के करीब 23 साल पुराने मामले में गिरफ्तार हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को शनिवार को जमानत मिल गई। जिला एवं सेशन न्यायालय ने विधायक की ओर से पेश जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए उसे स्वीकार कर लिया। इससे पहले शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट ने विधायक की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। साथ ही सीआईडीसीबी की ओर से मांगी गई सात दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग भी स्वीकार नहीं की थी।

चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद सीआईडीसीबी ने शुक्रवार को गणेशराज बंसल को सीजेएम कोर्ट में पेश किया था। जांच एजेंसी ने मामले में पूछताछ के लिए सात दिन की रिमांड और बढ़ाने की मांग की थी। कोर्ट ने रिमांड की मांग खारिज करते हुए विधायक को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। इसके बाद विधायक की ओर से सीजेएम कोर्ट में जमानत आवेदन पेश किया गया, लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया।

4 दिन की पुलिस रिमांड के बाद भेजे गए थे जेल

इसके बाद गणेशराज बंसल की ओर से जिला एवं सेशन न्यायालय में जमानत आवेदन लगाया गया। शनिवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने जमानत स्वीकार कर ली। इस तरह गिरफ्तारी के बाद विधायक को चार दिन पुलिस रिमांड और एक दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहने के बाद जमानत मिली है।

विधायक की पेशी और जमानत की कार्रवाई के दौरान कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं, विधायक समर्थकों और अन्य लोगों की भारी भीड़ जमा रही। गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई थी, जब राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी।

क्या है पूरा मामला

गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी एवं तत्कालीन नगर परिषद चेयरपर्सन संतोष बंसल, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी भंवरलाल सोनी तथा भूखंड मालिक कृष्णा रानी और राज रानी चुघ के खिलाफ 17 सितंबर को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल के आधार पर पट्टे जारी करने के आरोप लगाए गए हैं।

आरोप है कि हनुमानगढ़ जंक्शन के सेक्टर-9एल में नगर परिषद की ओर से वर्ष 2003 में भूखंड संख्या 8 और 16 के पट्टे जारी किए गए थे। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार पट्टों में दर्ज विवरण नगर परिषद के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते थे। आरोप है कि इन्हीं विवरणों के आधार पर सरकारी भूमि को निजी भूमि के तौर पर दर्शाकर पट्टे जारी किए गए और इससे अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मामले में सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान का आरोप है।

सीआईडीसीबी कर रही मामले की जांच

मामले की जांच सीआईडीसीबी कर रही है। जांच एजेंसी ने 19 सितंबर को गणेशराज बंसल को बीकानेर जिला क्षेत्र से हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद 20 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 21 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीआईडीसीबी को चार दिन की पुलिस रिमांड मिली थी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार को उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया था।

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