Rajasthan Farmers : राजस्थान के तीन जिलों में 180.60 करोड़ रुपए की लागत से किसानों के खेतों में 5040 सोलर पम्प संयंत्र लगाए जा रहे हैं। सबसे बड़ी बात है कि सरकार इस योजना में साठ प्रतिशत अनुदान दे रही है।
Rajasthan Farmers : राजस्थान के तीन जिलों के किसानों के लिए खुशखबर है। राजस्थान सरकार किसानों के खेतों में 5040 सोलर पम्प संयंत्र लगाने जा रही है। इससे किसानों को काफी फायदा होगा। जीहां, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व बीकानेर जिलों में 180.60 करोड़ की लागत से किसानों के खेतों में 5040 सोलर पम्प संयंत्र लगाए जा रहे हैं। इसमें सरकार साठ प्रतिशत अनुदान दे रही है। सोलर पम्प लगने से किसानों को खेती व अन्य कामों में काफी मदद मिलेगी।
राजस्थान सरकार की जल संसाधन विभाग के माध्यम से इन्दिरा गांधी नहर परियोजना प्रथम चरण के कमांड क्षेत्र में संचालित मरू क्षेत्र के लिए राजस्थान जल क्षेत्र पुन: संरचना परियोजना के तहत उक्त कार्य हो रहे हैं। इसके तहत किसानो के लिए 3, 5 और 7.5 एचपी के 5040 ऑफ ग्रिड सोलर पम्प संयंत्र स्थापित होंगे। इसके लिए किसानों को 60 प्रतिशत सब्सिडी तथा शेष 40 प्रतिशत राशि संबंधित कृषक द्वारा वहन किए जाने का प्रावधान है।
कृषक द्वारा वहन की जाने वाली लागत में से 30 प्रतिशत राशि तक का बैंक ऋण प्राप्त किया जा सकता है। अब तक लगभग 1150 पम्प कृषकों की भूमि पर स्थापित किए जा चुके हैं। पम्प स्थापित करने का कार्य प्रगतिरत है।
उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के अधीन चलाई जा रही उक्त परियोजना में पम्पों की लागत अन्य योजनाओं से कम है। इस योजना के अधीन 12 प्रकार के पम्प लगाए जा रहे हैं। योजना से सम्बन्धित समस्त जानकारी प्राप्त करने के लिए कृषक जल संसाधन विभाग के सम्बन्धित खंड कार्यालयों में संपर्क कर सकते हैं।
जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता दिलीप जैन के अनुसार इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र प्रथम चरण के किसानों के लिए यह योजना 28 जुलाई 2026 को समाप्त हो रही है। जल संसाधन विभाग कार्यालय से सम्पर्क कर किसान उक्त योजना का लाभ उठा सकते हैं।
राजस्थान में पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत किसानों को 3HP से 10HP क्षमता के सोलर पंप लगवाने पर 60 फीसदी तक सब्सिडी (30 फीसदी केंद्र + 30 फीसदी राज्य) मिल रही है, जिसमें किसान को केवल 40 फीसदी राशि देनी होती है। इस योजना के तहत 5 साल की वारंटी और बीमा कवर के साथ अब तक 65,400 से अधिक पंप लगाए जा चुके हैं।
किसान कुसुम प्रोजेक्ट के तहत खेतों में सोलर पैनल लगाकर बिजली बेच सकते हैं। इसमें 1 मेगावाट, 2 मेगावाट, या 3 मेगावाट के पैनल लगाकर सरकार से 3 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। इससे लाखों रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है।