हनुमानगढ़

राजस्थान का इकलौता थाना, जहां मुकदमों की नहीं, पानी की होती है 24 घंटे रखवाली; कभी बहा था खून

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के नोहर में स्थित राज्य का इकलौता 'नहरी पानी सुरक्षा एवं चोरी निरोधक थाना' किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जहां पहले सिंचाई पानी के लिए विवाद होते थे, वहीं अब पुलिस गश्त कर अवैध मोटरें हटा रही है और पानी चोरी पर अंकुश लगा रही है। इससे नोहर-भादरा क्षेत्र की 1.70 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि के टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचना संभव हुआ है।
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rajasthan unique police station
नोहर एरिया में नहर का निरीक्षण करते पुलिसकर्मी और जनप्रतिनिधि (पत्रिका फोटो)

-अदरीस खान

हनुमानगढ़: हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर क्षेत्र में सिंचाई पानी की अहमियत किसी से छिपी नहीं है। यहां पानी के लिए खून तक बह चुका है। इसलिए पानी की सुरक्षा और चोरी रोकने के लिए हनुमानगढ़ जिले के नोहर में प्रदेश का पहला और अब तक का एकमात्र नहरी पानी सुरक्षा एवं चोरी निरोधक थाना संचालित हो रहा है। अगस्त 2021 में शुरू हुआ यह विशेष थाना नहरों से सिंचाई पानी की चोरी रोकने, अवैध मोटरों पर कार्रवाई करने और टेल तक किसानों को निर्धारित पानी पहुंचाने में भूमिका निभा रहा है।

नोहर-भादरा क्षेत्र में नहरी पानी चोरी दशकों से किसानों की बड़ी समस्या रही है। हेड क्षेत्र में अवैध रूप से पानी उठाने से टेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता। इसे लेकर किसानों ने कई बार आंदोलन किए और अलग पुलिस व्यवस्था की मांग उठाई। वर्ष 2020 में रसलाना वितरिका सहित विभिन्न स्थानों पर पानी चोरी के खिलाफ आंदोलन हुए। जनप्रतिनिधियों ने भी विधानसभा से लेकर सरकार तक यह मुद्दा उठाया। इसके बाद राज्य सरकार ने वर्ष 2021 की बजट घोषणा में नोहर में विशेष थाना खोलने का निर्णय लिया।

पानी चोरी रोकना ही नहीं, नहरों की सुरक्षा भी थाने की जिम्मेदारी

केवल पानी चोरी के मामले दर्ज करने तक सीमित नहीं है। पुलिस सिंचाई विभाग के साथ समन्वय कर अवैध मोटर हटाने, नहरों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और पानी चोरी पर अंकुश लगाने का काम करती है। थाना शुरू होने के करीब दो महीने बाद नहर का पटड़ा तोड़कर मोटर से पानी चोरी करने के मामले में पहली एफआईआर दर्ज हुई थी।

1.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की जिम्मेदारी

नोहर-भादरा क्षेत्र में नोहर सिंचाई परियोजना, अमरसिंह ब्रांच प्रणाली और सिद्धमुख परियोजना से करीब 1.70 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है। इतने बड़े क्षेत्र में सिंचाई पानी की उपलब्धता बनाए रखना चुनौती है। पानी चोरी पर प्रभावी नियंत्रण से टेल क्षेत्र के किसानों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने में मदद मिलती है।

अब तक दर्ज प्रकरण

वर्षप्रकरण
202105
202269
202348
202434
202509
202630

अगस्त 2021 से शुरू (योजना/विभाग विवरण)

विवरण का विवरणजानकारी
स्टाफस्वीकृत 60 में से 29 भरे
उद्देश्यसिंचाई पानी चोरी रोकना और टेल तक पानी पहुंचाना
लाभ क्षेत्रनोहर-भादरा क्षेत्र की करीब 1.70 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि
मुख्य चुनौतीपानी चोरी पर प्रभावी और निरंतर नियंत्रण

नियमित गश्त से नहरी पानी चोरी पर नजर

किसानों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की सूचना पर कार्रवाई की जाती है। नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए नियमित गश्त भी करते हैं। रविवार और सोमवार को ही पांच कार्रवाई की गई हैं। थाने के नए भवन में सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। जल्द ही वहां से पूरा कामकाज शुरू हो जाएगा। थाने का क्षेत्र नोहर से पल्लू तथा भादरा और भिरानी तक विस्तृत है।
-हनुमान प्रसाद मीणा, थाना प्रभारी, नहरी पानी सुरक्षा एवं चोरी निरोधक थाना, नोहर

Updated on:
02 Sept 2026 04:26 pm
Published on:
02 Sept 2026 02:59 pm