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हनुमानगढ़ में 25 करोड़ की सब्सिडी का 2 साल से इंतजार, किसानों ने तोड़े बैरिकेड्स; निकाली ट्रैक्टर रैली

Rajasthan News: हनुमानगढ़ में डिग्गी अनुदान का करीब 25 करोड़ रुपए का भुगतान दो साल से अटका होने से नाराज किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर किसान आगे बढ़े और सरकार से लंबित अनुदान राशि जल्द जारी करने की मांग की।
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डिग्गी अनुदान अटकने से नाराज किसानों ने निकाली ट्रेक्टर रैली, बेरिकेड्स तोड़े (फोटो: पत्रिका)

Hanumangarh Farmers Tractor Rally: हनुमानगढ़ में डिग्गी अनुदान अटकने से नाराज किसानों ने बुधवार को टाउन मंडी से ट्रेक्टर रैली निकाली। इस दौरान किसानों व पुलिसकर्मियों के बीच कुछ देर तक तनातनी भी चली। अटल भूजल योजना के तहत निर्मित डिग्गियों की अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से किसान आक्रोशित थे।

पूर्व घोषणा के अनुसार किसानों ने टाउन धानमंडी से ट्रेक्टर मार्च शुरू किया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने धानमंडी के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए थे। लेकिन किसान नहीं रुके और बैरिकेड्स तोड़ते हुए ट्रैक्टरों के साथ आगे बढ़ गए। इससे मौके पर कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस उप अधीक्षक मीनाक्षी सहारण, टाउन थाना प्रभारी लखवीर सिंह गिल, महिला थाना प्रभारी चन्द्रकला के नेतृत्व में विभिन्न थानों तथा रिजर्व पुलिस लाइन से पुलिस जाप्ता तैनात किया गया था।

बताया जा रहा है कि चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासन ने ट्रैक्टर मार्च की अनुमति नहीं दी थी। लेकिन किसानों का कहना था कि दो साल से अनुदान राशि नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक संकट में हैं और यह प्रदर्शन उनकी मजबूरी है। किसानों के अनुसार उन्होंने अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों का निर्माण करवाने के लिए अपनी पूंजी लगाने के साथ-साथ कर्ज भी लिया। कई किसानों ने अपनी जमीन और गहने गिरवी रखकर अथवा उधार लेकर डिग्गियां बनवाईं। किसानों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद करीब दो साल से अनुदान राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इस कारण कर्ज पर ब्याज बढ़ता जा रहा है।

भारतीय किसान यूनियन के संभाग सचिव रायसाहब चाहर और बलविंद्र सिंह ने कहा कि डिग्गियों के निर्माण के लिए किसानों ने अपनी पकी हुई फसल तक उखाड़ दी थी। लेकिन आज सरकार अपने वादे से मुकर रही है और कह रही है कि योजना ही बंद कर दी। तीन-तीन लाख रुपए की अनुदान राशि के लिए किसान कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के साथ धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं।

किसी की जुबान का मोल नहीं

किसान नेताओं का कहना था कि प्रभारी मंत्री और किसान आयोग के अध्यक्ष से भी मुलाकात की गई। लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अनुदान राशि नहीं मिलने से किसानों पर ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है। जिन किसानों ने कर्ज लेकर डिग्गियां बनवाईं उनके लिए अब मूलधन के साथ ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। केंद्रीय मंत्री तक से इस बारे में मुलाकात की गई। लेकिन किसी की जुबान का यहां मोल नहीं रहा। इसलिए किसान आर्थिक संकट में फंसे हुए हैं।

यहां से गुजरा काफिला

हनुमानगढ़ में टाउन में धानमंडी से शुरू हुआ ट्रैक्टर मार्च टाउन के विभिन्न मार्गों से होते हुए जंक्शन शहर की ओर पहुंचा और विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद टाउन स्थित भारत माता चौक पर पहुंचकर सम्पन्न हुआ। बड़ी संख्या में पीडि़त किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ मार्च में शामिल हुए। किसानों ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। लेकिन वे अपनी मांग को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने सरकार से लंबित अनुदान राशि तत्काल किसानों के खातों में जमा करवाने की मांग की। किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अनुदान राशि का शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।