
Hanumangarh : हनुमानगढ़ टाउन में गोदाम से नशीली दवा जब्त करते पुलिसकर्मी। फोटो पत्रिका
Hanumangarh : हनुमानगढ़ में नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बढ़ती खपत के बीच पुलिस ने सोमवार तड़के एक गोदाम पर छापा मारकर नशीली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी। पुलिस ने सूचना के आधार पर सिंधी मोहल्ले स्थित किराए के गोदाम से कुल 4 लाख 12 हजार 332 नशीली व प्रतिबंधित टैबलेट-कैप्सूल तथा एक वाहन जब्त किया। गोदाम संचालक व मुख्य सप्लायर सहित तीन व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, बरामद नशीली दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 17 करोड़ रुपए आंकी गई है। गोदाम को तीन माह पहले ही किराए पर लेने की जानकारी सामने आ रही है।
एसपी बी. आदित्य ने बताया कि गोदाम से 32 ब्यूप्रेनॉर्फिन टैबलेट, 1,99,400 प्रीगेबालिन कैप्सूल तथा 2,12,900 टेपेंटाडॉल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट बरामद की गई हैं। मौके से गोदाम संचालक व मुख्य सप्लायर मनप्रीत सिंह (37 वर्ष), उसके सहयोगी विनोद कुमार (34 वर्ष) तथा पप्पू सिंह (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। मनप्रीत सिंह की गाड़ी भी पुलिस ने जब्त की।
आदित्य ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी गिरोह के अन्य साथियों के साथ मिलकर जिला मुख्यालय व आसपास के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर प्रतिबंधित नशीली गोलियों की सप्लाई करते थे। हनुमानगढ़ जिले में करीब 50 प्रतिशत नशीली दवाओं की सप्लाई आरोपी मनप्रीत सिंह ही करता था। गोदाम मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दवाओं का गोदाम में भंडारण करने के बाद जैसे ही डिमांड आती, उसी हिसाब से दवाओं की पैकिंग कर सप्लाई कर दी जाती थी। आरोपी हनुमानगढ़ व उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं की सप्लाई कर रहे थे।
नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले लोग एनडीपीएस एक्ट में कड़ी सजा के प्रावधान के कारण इससे बचने के लिए गैर-एनडीपीएस घटक वाली नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की सप्लाई कर रहे हैं। इन दवाओं की खपत इसलिए बढ़ रही है, क्योंकि चिट्टे की सप्लाई कम आ रही है और वह महंगा भी है।
पिछले कुछ वर्षों से जिले में निरंतर प्रीगेबालिन, टेपेंटाडॉल हाइड्रोक्लोराइड टेबलेट को प्रतिबंधित की श्रेणी में डाला हुआ है। इसके बावजूद अब तक इन दवाइयों को एनडीपीएस एच शैड्यूल में अधिसूचित नहीं किया गया है। बड़े स्तर पर जिले में नशे में इस्तेमाल हो रही उपरोक्त दवाइयों को यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत एनडीपीएस एक्ट में अधिसूचित कर लिया जाए तो तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
एसपी बी. आदित्य ने बताया कि इस संबंध में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से मुख्यालय को पूर्व में रिपोर्ट भिजवाई हुई है।
Updated on:
17 Aug 2026 08:44 pm
Published on:
17 Aug 2026 08:44 pm
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